📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suraj Digrase
टेक्नोलॉजी
तेलंगाना ने टीडीआर सेवाओं के लिए आधार प्रमाणीकरण को मंजूरी दी
✍️ INDToday
🗓 23 अक्टू. 2026, 12:18 AM
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तेलंगाना सरकार ने टीडीआर सेवाओं में आधार सत्यापन को मंजूरी दी, जिससे प्रक्रिया को सरल और सुरक्षित बनाया जाएगा।
तेलंगाना सरकार ने अपने टीडीआर (टेलीकॉम डेटा रिट्रीवल) सेवाओं में आधार प्रमाणीकरण को शामिल करने का आदेश जारी किया है। यह कदम उपयोगकर्ताओं को टेलीकॉम‑संबंधित डेटा तक पहुँचने की प्रक्रिया को सरल बनाने और कागजी कार्य को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि यह पहल केंद्र सरकार की एकीकृत डिजिटल पहचान रणनीति के साथ तालमेल रखती है, जिससे आधार के बायोमैट्रिक और जनसांख्यिकीय डेटा का उपयोग करके सुरक्षा में सुधार होगा। अब उपयोगकर्ताओं को टीडीआर पोर्टल पर कोई भी अनुरोध करने से पहले अपना आधार नंबर लिंक करना अनिवार्य होगा।
सरकार का मानना है कि आधार‑आधारित सत्यापन प्रक्रिया समय को घटाएगा और धोखाधड़ी वाले अनुरोधों को रोकने में मदद करेगा, साथ ही एक पारदर्शी ऑडिट ट्रेल भी प्रदान करेगा। कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण सत्र और जनता के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे ताकि परिवर्तन सुगमता से हो सके।
अधिक शुल्क की कोई घोषणा नहीं की गई है और यह सेवा मौजूदा ऑनलाइन व ऑफ़लाइन चैनलों के माध्यम से उपलब्ध रहेगी। तकनीकी एकीकरण के अंतिम चरण के बाद अगले कुछ हफ्तों में इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा।
टेलीकॉम क्षेत्र के हितधारकों ने इस कदम का स्वागत किया है, यह कहते हुए कि एक सुरक्षित सिंगल‑साइन‑ऑन तंत्र उपभोक्ता विश्वास और नियामक अनुपालन दोनों को मजबूत करेगा।
अधिकारियों ने बताया कि यह पहल केंद्र सरकार की एकीकृत डिजिटल पहचान रणनीति के साथ तालमेल रखती है, जिससे आधार के बायोमैट्रिक और जनसांख्यिकीय डेटा का उपयोग करके सुरक्षा में सुधार होगा। अब उपयोगकर्ताओं को टीडीआर पोर्टल पर कोई भी अनुरोध करने से पहले अपना आधार नंबर लिंक करना अनिवार्य होगा।
सरकार का मानना है कि आधार‑आधारित सत्यापन प्रक्रिया समय को घटाएगा और धोखाधड़ी वाले अनुरोधों को रोकने में मदद करेगा, साथ ही एक पारदर्शी ऑडिट ट्रेल भी प्रदान करेगा। कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण सत्र और जनता के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे ताकि परिवर्तन सुगमता से हो सके।
अधिक शुल्क की कोई घोषणा नहीं की गई है और यह सेवा मौजूदा ऑनलाइन व ऑफ़लाइन चैनलों के माध्यम से उपलब्ध रहेगी। तकनीकी एकीकरण के अंतिम चरण के बाद अगले कुछ हफ्तों में इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा।
टेलीकॉम क्षेत्र के हितधारकों ने इस कदम का स्वागत किया है, यह कहते हुए कि एक सुरक्षित सिंगल‑साइन‑ऑन तंत्र उपभोक्ता विश्वास और नियामक अनुपालन दोनों को मजबूत करेगा।