📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Election Commission of India
राजनीति
तेलंगाना चुनाव आयोग ने हैदराबाद का मतदाता मानचित्र फिर से तैयार किया, आंध्र मूल क्षेत्रों में वोटर गिरावट सबसे अधिक
✍️ The Times of India
🗓 20 अग. 2026, 01:40 AM
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तेलंगाना राज्य चुनाव आयोग ने हैदराबाद के लिए नया मतदाता मानचित्र जारी किया, जिसमें आंध्र मूल क्षेत्रों में पंजीकृत मतदाताओं की गिरावट सबसे अधिक दिखी।
तेलंगाना राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) ने हैदराबाद के लिए नवीनतम मतदाता सूची प्रकाशित की है, जिसमें पंजीकरण की पुनः जाँच के बाद मानचित्र को अद्यतन किया गया है। यह अपडेट डुप्लिकेट और निष्क्रिय प्रविष्टियों को हटाने के उद्देश्य से किया गया था।
एसईसी ने बताया कि इस प्रक्रिया में पते की पुष्टि, पहचान दस्तावेज़ों की जाँच और पिछले चुनावों में सक्रिय न रहे मतदाताओं को बाहर किया गया। यह नई सूची आगामी नगर निगम चुनावों में सटीक और वर्तमान मतदाता आधार सुनिश्चित करेगी।
रिपोर्ट के अनुसार, ऐतिहासिक रूप से आंध्र मूल समुदायों के मजबूत आधार वाले क्षेत्रों में पंजीकृत मतदाताओं में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। इन क्षेत्रों ने मतदाता गिरावट की सूची में शीर्ष स्थान हासिल किया।
चुनाव अधिकारियों ने संकेत दिया कि यह परिवर्तन राजनीतिक दलों की रणनीति को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि उन्हें प्रभावित क्षेत्रों में अपनी पहुँच को पुनः मूल्यांकन करना पड़ सकता है। नई मतदाता सूची अगले चुनाव चक्र से लागू होगी, जब तक कोई आपत्ति या अपील नहीं की जाती।
एसईसी ने बताया कि इस प्रक्रिया में पते की पुष्टि, पहचान दस्तावेज़ों की जाँच और पिछले चुनावों में सक्रिय न रहे मतदाताओं को बाहर किया गया। यह नई सूची आगामी नगर निगम चुनावों में सटीक और वर्तमान मतदाता आधार सुनिश्चित करेगी।
रिपोर्ट के अनुसार, ऐतिहासिक रूप से आंध्र मूल समुदायों के मजबूत आधार वाले क्षेत्रों में पंजीकृत मतदाताओं में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। इन क्षेत्रों ने मतदाता गिरावट की सूची में शीर्ष स्थान हासिल किया।
चुनाव अधिकारियों ने संकेत दिया कि यह परिवर्तन राजनीतिक दलों की रणनीति को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि उन्हें प्रभावित क्षेत्रों में अपनी पहुँच को पुनः मूल्यांकन करना पड़ सकता है। नई मतदाता सूची अगले चुनाव चक्र से लागू होगी, जब तक कोई आपत्ति या अपील नहीं की जाती।