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राजनीति
तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी पर राजनीतिक बहस में धार्मिक प्रतीक प्रयोग से विवाद
✍️ News18
🗓 29 सित. 2026, 12:16 PM
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तेलंगाना के मुख्य मंत्री रेवंत रेड्डी ने विधायी बहस में धार्मिक प्रतीक का प्रयोग किया, जिससे विपक्षी दलों और समुदाय समूहों से विरोध की लहर उठी।
तेलंगाना के मुख्य मंत्री रेवंत रेड्डी ने राज्य विधानसभा में एक प्रमुख धार्मिक प्रतीक का उल्लेख करके राजनीतिक विवाद को जन्म दिया। यह टिप्पणी एक नीति बिंदु को उजागर करने के उद्देश्य से की गई थी, परन्तु विपक्षी सांसदों ने इसे धर्म और शासन के बीच की सीमा को धुंधला करने वाला कहा।
विपक्षी दलों ने औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई, यह तर्क देते हुए कि सार्वजनिक मंच पर पवित्र प्रतीकों का प्रयोग साम्प्रदायिक भावनाओं को उकसा सकता है। कई धार्मिक संगठनों ने भी सरकार से भविष्य में ऐसे प्रतीकों के प्रयोग से बचने का आग्रह किया।
मुख्य मंत्री के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि यह उल्लेख सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने के लिये था, न कि किसी विशेष धर्म को समर्थन देने के लिये, और कहा कि नीति चर्चा अब भी धर्मनिरपेक्ष है। इस घटना ने भारतीय राजनीति में धार्मिक संकेतों की भूमिका पर व्यापक चर्चा को फिर से उजागर किया है।
अब तक कोई कानूनी कार्रवाई दर्ज नहीं हुई है, परन्तु यह विवाद आगामी विधानसभा सत्रों को प्रभावित कर सकता है और मुख्य मंत्री की धर्मनिरपेक्ष मतदाता वर्ग में लोकप्रियता पर असर डाल सकता है।
विपक्षी दलों ने औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई, यह तर्क देते हुए कि सार्वजनिक मंच पर पवित्र प्रतीकों का प्रयोग साम्प्रदायिक भावनाओं को उकसा सकता है। कई धार्मिक संगठनों ने भी सरकार से भविष्य में ऐसे प्रतीकों के प्रयोग से बचने का आग्रह किया।
मुख्य मंत्री के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि यह उल्लेख सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने के लिये था, न कि किसी विशेष धर्म को समर्थन देने के लिये, और कहा कि नीति चर्चा अब भी धर्मनिरपेक्ष है। इस घटना ने भारतीय राजनीति में धार्मिक संकेतों की भूमिका पर व्यापक चर्चा को फिर से उजागर किया है।
अब तक कोई कानूनी कार्रवाई दर्ज नहीं हुई है, परन्तु यह विवाद आगामी विधानसभा सत्रों को प्रभावित कर सकता है और मुख्य मंत्री की धर्मनिरपेक्ष मतदाता वर्ग में लोकप्रियता पर असर डाल सकता है।