📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / WikiPBR
सरकारी योजना
तेलंगाना में वैध अनुमति वाले 22‑ए संपत्तियों की पंजीकरण प्रक्रिया शुरू
✍️ Telangana Today
🗓 25 सित. 2026, 02:16 PM
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तेलंगाना सरकार ने कहा है कि वैध अनुमति वाले 22‑ए वर्ग की संपत्तियों का अब पंजीकरण किया जा सकेगा, जिससे भूमि रिकॉर्ड प्रक्रिया सरल होगी।
तेलंगाना सरकार ने एक अधिसूचना जारी की है, जिसमें 22‑ए वर्ग में आने वाली और सभी आवश्यक सरकारी अनुमतियों वाले संपत्तियों के पंजीकरण की अनुमति दी गई है। यह कदम उन मालिकों के लिए भूमि शीर्षक को औपचारिक बनाने में देरी को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।
22‑ए वर्ग की संपत्तियों को आमतौर पर विशिष्ट विकास या कृषि उद्देश्यों के लिए निर्धारित किया जाता है और इन्हें राजस्व तथा योजना विभागों से पूर्व अनुमोदन प्राप्त करना आवश्यक होता है। वैध अनुमतियों के साथ पंजीकरण को जोड़कर सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि केवल अनुपालन वाली संपत्तियों को आधिकारिक भूमि‑रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए।
राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह नया नियम जिला कलेक्टरों और उप‑रजिस्ट्री कार्यालयों के माध्यम से लागू किया जाएगा, और आवेदकों को मूल अनुमति पत्रों के साथ सामान्य पंजीकरण दस्तावेज़ जमा करने होंगे।
यह पहल तेलंगाना की व्यापक भूमि‑सुधार नीति का हिस्सा है, जिसमें रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण और स्वामित्व हस्तांतरण को सरल बनाना शामिल है। अधिकारियों का मानना है कि तेज़ पंजीकरण निवेशकों का भरोसा बढ़ाएगा और भूमि विवादों में कमी लाएगा।
22‑ए वर्ग की संपत्तियों को आमतौर पर विशिष्ट विकास या कृषि उद्देश्यों के लिए निर्धारित किया जाता है और इन्हें राजस्व तथा योजना विभागों से पूर्व अनुमोदन प्राप्त करना आवश्यक होता है। वैध अनुमतियों के साथ पंजीकरण को जोड़कर सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि केवल अनुपालन वाली संपत्तियों को आधिकारिक भूमि‑रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए।
राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह नया नियम जिला कलेक्टरों और उप‑रजिस्ट्री कार्यालयों के माध्यम से लागू किया जाएगा, और आवेदकों को मूल अनुमति पत्रों के साथ सामान्य पंजीकरण दस्तावेज़ जमा करने होंगे।
यह पहल तेलंगाना की व्यापक भूमि‑सुधार नीति का हिस्सा है, जिसमें रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण और स्वामित्व हस्तांतरण को सरल बनाना शामिल है। अधिकारियों का मानना है कि तेज़ पंजीकरण निवेशकों का भरोसा बढ़ाएगा और भूमि विवादों में कमी लाएगा।