📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
अपराध
बांसवाड़ा के चूलीपाड़ा में पिता की हत्या, नाबालिग बेटे और 7 दोस्तों को मिला आरोप
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 31 अग. 2026, 10:17 AM
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पुलिस ने बताया कि 21 अगस्त को फांसी से मिले बादर सिंह मुनिया की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि साजिश थी। नाबालिग बेटे और सात दोस्तों को हत्या का आरोप लगाया गया है।
21 अगस्त को बांसवाड़ा के कुशलगढ़ थाना के चूलीपाड़ा गांव में 45 वर्षीय बादर सिंह मुनिया की लटकी हुई लाश मिली। प्रारम्भिक तौर पर इसे आत्महत्या माना गया, पर जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह मौत साजिश थी।
जांचकर्ताओं ने फोरेंसिक संकेत पाए जो यह दर्शाते हैं कि फांसी को हत्या को छुपाने के लिए बनाया गया था। पूछताछ में पता चला कि मुनिया के नाबालिग बेटे और उसके सात दोस्तों ने मिलकर इस हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया।
पुलिस ने अब उस नाबालिग बेटे और सात सहयोगियों के खिलाफ हत्या और साजिश के आरोपों में केस दर्ज किया है। सभी आठ आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ के लिए कोर्ट में पेश किया जाएगा।
अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में दिखने वाली आत्महत्याओं की गहन जांच की आवश्यकता है। जांच जारी है और अतिरिक्त साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
जांचकर्ताओं ने फोरेंसिक संकेत पाए जो यह दर्शाते हैं कि फांसी को हत्या को छुपाने के लिए बनाया गया था। पूछताछ में पता चला कि मुनिया के नाबालिग बेटे और उसके सात दोस्तों ने मिलकर इस हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया।
पुलिस ने अब उस नाबालिग बेटे और सात सहयोगियों के खिलाफ हत्या और साजिश के आरोपों में केस दर्ज किया है। सभी आठ आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ के लिए कोर्ट में पेश किया जाएगा।
अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में दिखने वाली आत्महत्याओं की गहन जांच की आवश्यकता है। जांच जारी है और अतिरिक्त साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।