📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sranjanm2002
स्थानीय
तकनीकी खराबी और मौसम की मार से जयपुर हवाई अड्डे पर 17 घंटे की उड़ान देर, यात्री की मौत
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 03 सित. 2026, 06:02 PM
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गुरुवार को तकनीकी खराबी और मौसम की वजह से जयपुर हवाई अड्डे पर एक उड़ान 17 घंटे देर से चली, और एक यात्री अस्पताल ले जाते समय ही मर गया।
गुरुवार को जयपुर हवाई अड्डे में तकनीकी खराबी और खराब मौसम के कारण बड़े स्तर पर व्यवधान उत्पन्न हुआ। इस खराबी ने कई उड़ानों को मोड़ दिया या टर्मिनल पर रोक दिया, जिससे यात्रियों की लंबी कतारें बन गईं।
सबसे लंबी देरी एक घरेलू उड़ान में देखी गई, जो 17 घंटे बाद ही चल पाई, जो हाल के महीनों में इस क्षेत्रीय हब पर सबसे अधिक समय की देरी में से एक है।
उसी दौरान एक यात्री को अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने की शिकायत हुई। हवाई अड्डे के कर्मचारियों ने उसे निकटवर्ती अस्पताल ले जाने की कोशिश की, पर वह रास्ते में ही निधन हो गया।
हवाई अड्डे के अधिकारियों ने कहा कि तकनीकी खराबी के सटीक कारण और मौसम के प्रभाव की जांच चल रही है और वे एयरलाइनों के साथ मिलकर शेड्यूल को सामान्य करने का प्रयास करेंगे।
यह घटना दिखाती है कि व्यस्त हवाई अड्डे तकनीकी गड़बड़ी और मौसम की मार के सामने कितने संवेदनशील होते हैं, जिससे बेहतर बुनियादी ढाँचा और आपातकालीन योजना की मांग बढ़ रही है।
सबसे लंबी देरी एक घरेलू उड़ान में देखी गई, जो 17 घंटे बाद ही चल पाई, जो हाल के महीनों में इस क्षेत्रीय हब पर सबसे अधिक समय की देरी में से एक है।
उसी दौरान एक यात्री को अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने की शिकायत हुई। हवाई अड्डे के कर्मचारियों ने उसे निकटवर्ती अस्पताल ले जाने की कोशिश की, पर वह रास्ते में ही निधन हो गया।
हवाई अड्डे के अधिकारियों ने कहा कि तकनीकी खराबी के सटीक कारण और मौसम के प्रभाव की जांच चल रही है और वे एयरलाइनों के साथ मिलकर शेड्यूल को सामान्य करने का प्रयास करेंगे।
यह घटना दिखाती है कि व्यस्त हवाई अड्डे तकनीकी गड़बड़ी और मौसम की मार के सामने कितने संवेदनशील होते हैं, जिससे बेहतर बुनियादी ढाँचा और आपातकालीन योजना की मांग बढ़ रही है।