📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vlad2003
शिक्षा
ई‑अटेंडेंस के दबाव में ट्यूब से स्कूल पहुँचते शिक्षक, जान जोखिम में
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 25 अग. 2026, 01:02 PM
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इलेक्ट्रॉनिक अटेंडेंस के आदेश के चलते मध्य प्रदेश के कई शिक्षक ट्यूब के भीड़भाड़ वाले सफ़र से गुजर रहे हैं, जिससे उनकी सुरक्षा खतरे में है।
राज्य शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों में इलेक्ट्रॉनिक अटेंडेंस लागू करने का आदेश दिया है, जिससे शिक्षक समय पर स्कूल पहुँचना चाहते हैं। मध्य प्रदेश के कई जिलों में शिक्षक स्थानीय ट्यूब (मेट्रो) नेटवर्क का सहारा ले रहे हैं, अक्सर भीड़भाड़ वाले पीक समय में यात्रा कर रहे हैं।
अधिकारी बताते हैं कि यह कदम अनुपस्थिति को कम करने के लिए है, परंतु स्कूल बस जैसी विश्वसनीय परिवहन व्यवस्था न होने के कारण शिक्षक सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हैं, जो सुबह जल्दी या देर शाम के सफ़र के लिए उपयुक्त नहीं है। शिक्षक भीड़भाड़ वाले डिब्बों में लंबे समय तक खड़े रहने की शिकायत कर रहे हैं, जिससे दुर्घटना और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ रहा है।
यूनियन प्रतिनिधियों ने इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए प्रशासन से सुरक्षित यात्रा विकल्प या लचीले रिपोर्टिंग समय की मांग की है। इस बीच, शिक्षक अपनी दैनिक यात्रा जारी रखे हुए हैं, डिजिटल अनुपालन की मांग और व्यक्तिगत सुरक्षा के बीच संतुलन बना रहे हैं।
यह स्थिति तकनीकी‑आधारित नीतियों को लागू करने में बुनियादी ढाँचे की कमी को उजागर करती है, विशेषकर राज्य के अर्ध‑शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में।
अधिकारी बताते हैं कि यह कदम अनुपस्थिति को कम करने के लिए है, परंतु स्कूल बस जैसी विश्वसनीय परिवहन व्यवस्था न होने के कारण शिक्षक सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हैं, जो सुबह जल्दी या देर शाम के सफ़र के लिए उपयुक्त नहीं है। शिक्षक भीड़भाड़ वाले डिब्बों में लंबे समय तक खड़े रहने की शिकायत कर रहे हैं, जिससे दुर्घटना और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ रहा है।
यूनियन प्रतिनिधियों ने इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए प्रशासन से सुरक्षित यात्रा विकल्प या लचीले रिपोर्टिंग समय की मांग की है। इस बीच, शिक्षक अपनी दैनिक यात्रा जारी रखे हुए हैं, डिजिटल अनुपालन की मांग और व्यक्तिगत सुरक्षा के बीच संतुलन बना रहे हैं।
यह स्थिति तकनीकी‑आधारित नीतियों को लागू करने में बुनियादी ढाँचे की कमी को उजागर करती है, विशेषकर राज्य के अर्ध‑शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में।