📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Frans Peeters
बिज़नेस
झारखंड में टाटा स्टील ने हाइड्रोसीडिंग से पुनर्स्थापना परियोजना शुरू की
✍️ Vajiram & Ravi
🗓 27 अक्टू. 2026, 05:18 PM
👁 20
टाटा स्टील ने झारखंड में हाइड्रोसीडिंग के माध्यम से क्षतिग्रस्त वन व खनन क्षेत्रों को पुनर्स्थापित करने की पहल शुरू की है।
टाटा स्टील ने झारखंड में क्षतिग्रस्त भूमि को पुनर्स्थापित करने के लिए हाइड्रोसीडिंग कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह पहल कंपनी के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजना के तहत चल रही है, जिसमें जल, बीज, मल्च और पोषक तत्वों का मिश्रण लेकर कटाव‑ग्रस्त, विशेषकर खनन‑प्रभावित क्षेत्रों में बिखेर दिया जाएगा।
हाइड्रोसीडिंग से वनस्पति की तेज़ी से वृद्धि, मिट्टी के कटाव में कमी और जैव विविधता में सुधार की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना कई चरणों में लागू की जाएगी और आने वाले महीनों में कई साइटों को कवर करेगी।
राज्य की पारिस्थितिक पुनर्स्थापना और सतत भूमि उपयोग की नीतियों के साथ इस कदम का मेल है, जिससे स्थानीय प्रशासन ने इसे सराहा है। टाटा स्टील ने नई वनस्पति की सफलता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी का वादा किया है।
यह हाइड्रोसीडिंग अभियान कंपनी की पर्यावरणीय जिम्मेदारी को दर्शाता है और वन संसाधनों पर निर्भर स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर को भी सुदृढ़ करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
हाइड्रोसीडिंग से वनस्पति की तेज़ी से वृद्धि, मिट्टी के कटाव में कमी और जैव विविधता में सुधार की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना कई चरणों में लागू की जाएगी और आने वाले महीनों में कई साइटों को कवर करेगी।
राज्य की पारिस्थितिक पुनर्स्थापना और सतत भूमि उपयोग की नीतियों के साथ इस कदम का मेल है, जिससे स्थानीय प्रशासन ने इसे सराहा है। टाटा स्टील ने नई वनस्पति की सफलता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी का वादा किया है।
यह हाइड्रोसीडिंग अभियान कंपनी की पर्यावरणीय जिम्मेदारी को दर्शाता है और वन संसाधनों पर निर्भर स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर को भी सुदृढ़ करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।