📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Philafrenzy
बिज़नेस
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने मलयेशिया के केलिंगटन के साथ गुजरात में चिप प्लांट के लिए साझेदारी की
✍️ Free Malaysia Today
🗓 20 सित. 2026, 05:16 AM
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टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने मलयेशिया की केलिंगटन के साथ गुजरात में एक सेमीकंडक्टर निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए समझौता किया, जिससे भारत के चिप सेक्टर में विदेशी साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने मलयेशिया स्थित केलिंगटन के साथ मिलकर गुजरात में एक सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट स्थापित करने का रणनीतिक समझौता किया है। इस साझेदारी से टाटा की उत्पादन क्षमता और केलिंगटन की चिप डिज़ाइन विशेषज्ञता का संयोजन करके उन्नत इंटीग्रेटेड सर्किट्स का निर्माण किया जाएगा, जो घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों को लक्षित करेंगे।
यह संयुक्त उद्यम एक आधुनिक चिप निर्माण केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य रखता है, जिससे भारत की आयातित सेमीकंडक्टर पर निर्भरता कम होगी। दोनों कंपनियों ने बताया कि प्लांट में नवीनतम उपकरणों का उपयोग होगा और वैश्विक गुणवत्ता मानकों का पालन किया जाएगा।
निवेश राशि और परियोजना की समयसीमा के बारे में अभी तक विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है, परंतु अधिकारियों ने कहा कि इस पहल से कुशल रोजगार के अवसर पैदा होंगे और मेक इन इंडिया योजना को बल मिलेगा।
उद्योग विशेषज्ञ इस साझेदारी को भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम के लिए सकारात्मक संकेत मानते हैं, क्योंकि विभिन्न क्षेत्रों जैसे ऑटोमोबाइल, टेलीकॉम और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स में उच्च‑प्रदर्शन चिप्स की मांग बढ़ रही है।
गुजरात सरकार ने इस उद्यम का स्वागत किया है, और कहा है कि वह उच्च‑तकनीकी निर्माण और विदेशी निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह संयुक्त उद्यम एक आधुनिक चिप निर्माण केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य रखता है, जिससे भारत की आयातित सेमीकंडक्टर पर निर्भरता कम होगी। दोनों कंपनियों ने बताया कि प्लांट में नवीनतम उपकरणों का उपयोग होगा और वैश्विक गुणवत्ता मानकों का पालन किया जाएगा।
निवेश राशि और परियोजना की समयसीमा के बारे में अभी तक विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है, परंतु अधिकारियों ने कहा कि इस पहल से कुशल रोजगार के अवसर पैदा होंगे और मेक इन इंडिया योजना को बल मिलेगा।
उद्योग विशेषज्ञ इस साझेदारी को भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम के लिए सकारात्मक संकेत मानते हैं, क्योंकि विभिन्न क्षेत्रों जैसे ऑटोमोबाइल, टेलीकॉम और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स में उच्च‑प्रदर्शन चिप्स की मांग बढ़ रही है।
गुजरात सरकार ने इस उद्यम का स्वागत किया है, और कहा है कि वह उच्च‑तकनीकी निर्माण और विदेशी निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।