स्थानीय
तेना के जय भवानी बाल विद्या मंदिर का 90 सदस्यीय दल चार दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर रवाना
जय भवानी बाल विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय के लगभग 90 सदस्यीय दल ने मां नागणेची जूना देवल में दर्शन के बाद चार दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर रवाना किया।
जय भवानी बाल विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, तेना के लगभग 90 सदस्यीय दल ने मां नागणेची जूना देवल में दर्शन कर सुखद एवं मंगलमय यात्रा की कामना के साथ चार दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर रवाना किया।
पंचायत समिति सदस्य गंगा सिंह एवं सरपंच मदन सिंह ने हरी झंडी दिखाकर दल को रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए सुरक्षित और ज्ञानवर्धक यात्रा की कामना की।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को नाकोड़ा, आसोतरा, सुंधा माता, माउंट आबू, अंबाजी, देलवाड़ा, खेजड़ली तथा जोधपुर स्थित अक्षरधाम सहित विभिन्न धार्मिक, ऐतिहासिक एवं दर्शनीय स्थलों का भ्रमण करवाया जाएगा।
इस शैक्षणिक यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों की प्रत्यक्ष जानकारी प्रदान करना है। चैन सिंह खिरजा, चंद्रवीर सिंह, स्वरूप सिंह सिसोदिया, तेज सिंह, संतोष गिरी सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।
विद्यालय के इस शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को नई जानकारियाँ प्राप्त करने, राजस्थान की समृद्ध संस्कृति एवं धार्मिक विरासत को करीब से जानने तथा आपसी सहयोग और सामूहिकता की भावना विकसित करने का अवसर मिलेगा।
पंचायत समिति सदस्य गंगा सिंह एवं सरपंच मदन सिंह ने हरी झंडी दिखाकर दल को रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए सुरक्षित और ज्ञानवर्धक यात्रा की कामना की।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को नाकोड़ा, आसोतरा, सुंधा माता, माउंट आबू, अंबाजी, देलवाड़ा, खेजड़ली तथा जोधपुर स्थित अक्षरधाम सहित विभिन्न धार्मिक, ऐतिहासिक एवं दर्शनीय स्थलों का भ्रमण करवाया जाएगा।
इस शैक्षणिक यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों की प्रत्यक्ष जानकारी प्रदान करना है। चैन सिंह खिरजा, चंद्रवीर सिंह, स्वरूप सिंह सिसोदिया, तेज सिंह, संतोष गिरी सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।
विद्यालय के इस शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को नई जानकारियाँ प्राप्त करने, राजस्थान की समृद्ध संस्कृति एवं धार्मिक विरासत को करीब से जानने तथा आपसी सहयोग और सामूहिकता की भावना विकसित करने का अवसर मिलेगा।