📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Singh PreetManak
शिक्षा
तमिलनाडु विश्वविद्यालय विधेयक में भूमि आवश्यकता घटाने की धारा राष्ट्रपति को भेजी
✍️ ET Education
🗓 21 सित. 2026, 11:36 AM
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तमिलनाडु सरकार ने निजी विश्वविद्यालय विधेयक, जिसमें भूमि आवश्यकता घटाई गई है, राष्ट्रपति को अनुमोदन के लिए भेजा है।
तमिलनाडु राज्य सरकार ने निजी विश्वविद्यालयों के लिए भूमि‑आवश्यकता को कम करने वाला विधेयक मंजूर किया है। इस संशोधन से नई संस्थाओं को लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवश्यक न्यूनतम भूमि का आकार घटाया गया है, जिससे अधिक निजी विश्वविद्यालयों को स्थापित करने में आसानी होगी।
नए नियमों के तहत, निजी विश्वविद्यालयों को अब कम भूमि की आवश्यकता होगी, जिससे प्रवेश की बाधाएँ कम होंगी जबकि शैक्षणिक मानकों को बरकरार रखने की आशा है।
विधेयक को राज्य विधान सभा की स्वीकृति मिलने के बाद राष्ट्रपति को अनुमोदन के लिए भेजा गया है। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने पर यह संशोधन आधिकारिक रूप से लागू होगा।
शिक्षा विशेषज्ञ इस कदम को तमिलनाडु की उच्च शिक्षा क्षमता बढ़ाने के रूप में देख रहे हैं, परन्तु कुछ का मानना है कि संस्थानों की संख्या बढ़ने पर नियामक निगरानी को भी सुदृढ़ करना आवश्यक होगा।
नए नियमों के तहत, निजी विश्वविद्यालयों को अब कम भूमि की आवश्यकता होगी, जिससे प्रवेश की बाधाएँ कम होंगी जबकि शैक्षणिक मानकों को बरकरार रखने की आशा है।
विधेयक को राज्य विधान सभा की स्वीकृति मिलने के बाद राष्ट्रपति को अनुमोदन के लिए भेजा गया है। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने पर यह संशोधन आधिकारिक रूप से लागू होगा।
शिक्षा विशेषज्ञ इस कदम को तमिलनाडु की उच्च शिक्षा क्षमता बढ़ाने के रूप में देख रहे हैं, परन्तु कुछ का मानना है कि संस्थानों की संख्या बढ़ने पर नियामक निगरानी को भी सुदृढ़ करना आवश्यक होगा।