📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Michael Gäbler
राजनीति
तमिलनाडु में आरटीआई रद्दीकरण पर विपक्ष का विरोध, टी.वी.के ने उलट निर्णय लिया
✍️ India Today
🗓 27 सित. 2026, 04:16 PM
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तमिलनाडु सरकार के आरटीआई रद्दीकरण के प्रयास पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया, जिसके जवाब में मुख्यमंत्री टी.वी.के. कार्तिकेय ने निर्णय उलट दिया।
तमिलनाडु सरकार ने आरटीआई कानून को वापस लेने का निर्णय लिया, जिसे राज्य के विपक्ष ने तुरंत निंदा की। इस कदम को पारदर्शिता और जवाबदेही के खिलाफ एक कदम माना गया।
विपक्ष के नेताओं ने इस निर्णय को नागरिकों के जानने के अधिकार का उल्लंघन बताया और विरोध प्रदर्शन व कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। यह कदम एक व्यापक प्रवृत्ति के रूप में देखा गया, जिसमें सार्वजनिक सूचना तक पहुँच सीमित करने की कोशिश की जा रही है।
भारी विरोध के बीच, मुख्यमंत्री टी.वी.के. कार्तिकेय ने निर्णय उलट दिया और आरटीआई के मूल प्रावधानों को बहाल किया। इस उलटफेर को सिविल सोसाइटी और विपक्ष दोनों ने लोकतांत्रिक सिद्धांतों की जीत के रूप में सराहा।
यह घटना भारत में सूचना कानूनों के प्रति राजनीतिक संवेदनशीलता को दर्शाती है और दिखाती है कि सार्वजनिक राय नीति निर्णयों को कैसे प्रभावित कर सकती है।
विपक्ष के नेताओं ने इस निर्णय को नागरिकों के जानने के अधिकार का उल्लंघन बताया और विरोध प्रदर्शन व कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। यह कदम एक व्यापक प्रवृत्ति के रूप में देखा गया, जिसमें सार्वजनिक सूचना तक पहुँच सीमित करने की कोशिश की जा रही है।
भारी विरोध के बीच, मुख्यमंत्री टी.वी.के. कार्तिकेय ने निर्णय उलट दिया और आरटीआई के मूल प्रावधानों को बहाल किया। इस उलटफेर को सिविल सोसाइटी और विपक्ष दोनों ने लोकतांत्रिक सिद्धांतों की जीत के रूप में सराहा।
यह घटना भारत में सूचना कानूनों के प्रति राजनीतिक संवेदनशीलता को दर्शाती है और दिखाती है कि सार्वजनिक राय नीति निर्णयों को कैसे प्रभावित कर सकती है।