📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Michael Gäbler
बिज़नेस
तमिलनाडु में बिजली की कमी, उत्पादन गिरावट से बड़े ब्लैकआउट
✍️ India Today
🗓 21 सित. 2026, 11:36 AM
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राज्य के बिजली बोर्ड ने उत्पादन में गिरावट के कारण तमिलनाडु में बड़े ब्लैकआउट की सूचना दी।
तमिलनाडु की पावर ग्रिड पर दबाव बढ़ गया है, क्योंकि राज्य बिजली बोर्ड ने इस सप्ताह विद्युत उत्पादन में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की है। थर्मल और जलविद्युत संयंत्रों की कम आउटपुट के कारण आपूर्ति‑मांग संतुलन बनाए रखने हेतु कई जिलों में क्रमिक ब्लैकआउट लागू किए गए हैं।
अधिकारी बताते हैं कि उत्पादन में गिरावट का कारण रखरखाव के दौरान संयंत्र बंद होना और प्रमुख जलाशयों में पानी के स्तर में कमी है, जिससे जलविद्युत उत्पादन घटा है। साथ ही कोयला आपूर्ति में लॉजिस्टिक देरी ने थर्मल स्टेशनों की क्षमता को और सीमित किया है।
ब्लैकआउट का शेड्यूल, जो सोमवार सुबह घोषित किया गया, औद्योगिक क्षेत्रों और आवासीय इलाकों को शाम के पीक घंटे में प्रभावित करेगा। बोर्ड ने उपभोक्ताओं से बिजली बचाने की अपील की और चेतावनी दी कि आगामी मानसून तक जलाशयों के स्तर में सुधार न होने पर यह स्थिति जारी रह सकती है।
राज्य के ऊर्जा मंत्री ने पावर उत्पादकों के साथ आपातकालीन बैठक बुलाकर अल्पकालिक उपायों पर चर्चा की, जिसमें पड़ोसी राज्यों से बिजली आयात और नवीकरणीय परियोजनाओं को तेज़ी से लागू करना शामिल है। भविष्य में ऐसी कमी से बचने के लिए मांग‑प्रबंधन योजनाओं की भी समीक्षा की जा रही है।
अधिकारी बताते हैं कि उत्पादन में गिरावट का कारण रखरखाव के दौरान संयंत्र बंद होना और प्रमुख जलाशयों में पानी के स्तर में कमी है, जिससे जलविद्युत उत्पादन घटा है। साथ ही कोयला आपूर्ति में लॉजिस्टिक देरी ने थर्मल स्टेशनों की क्षमता को और सीमित किया है।
ब्लैकआउट का शेड्यूल, जो सोमवार सुबह घोषित किया गया, औद्योगिक क्षेत्रों और आवासीय इलाकों को शाम के पीक घंटे में प्रभावित करेगा। बोर्ड ने उपभोक्ताओं से बिजली बचाने की अपील की और चेतावनी दी कि आगामी मानसून तक जलाशयों के स्तर में सुधार न होने पर यह स्थिति जारी रह सकती है।
राज्य के ऊर्जा मंत्री ने पावर उत्पादकों के साथ आपातकालीन बैठक बुलाकर अल्पकालिक उपायों पर चर्चा की, जिसमें पड़ोसी राज्यों से बिजली आयात और नवीकरणीय परियोजनाओं को तेज़ी से लागू करना शामिल है। भविष्य में ऐसी कमी से बचने के लिए मांग‑प्रबंधन योजनाओं की भी समीक्षा की जा रही है।