📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Michael Gäbler
कृषि
तामिलनाडु के गायी शैंडियों की गिरावट: ऑनलाइन व्यापार और घटती पशुप्रजा का असर
✍️ The New Indian Express
🗓 26 जुल. 2026, 10:03 AM
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तामिलनाडु में गायी शैंडियों की परंपरा घट रही है, ऑनलाइन व्यापार और घटती पशुप्रजा के कारण।
गायी शैंडियाँ, गाय की खाल से बनी हस्तशिल्प वस्तुएँ, तामिलनाडु की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत की पहचान रही हैं।
ई‑कॉमर्स प्लेटफॉर्म के उदय से उपभोक्ता प्राथमिकताएँ बड़े पैमाने पर उत्पादित विकल्पों की ओर मुड़ गई हैं, जिससे स्थानीय शैंडियों की मांग घट गई है।
साथ ही, राज्य में पशुप्रजा में तेज गिरावट ने शिल्पकारों के लिए कच्चे माल की उपलब्धता को सीमित कर दिया है।
इन दोनों कारकों के कारण यह परंपरागत शिल्प, जो एक बार क्षेत्र में हजारों परिवारों का समर्थन करता था, अब संकट में है।
ई‑कॉमर्स प्लेटफॉर्म के उदय से उपभोक्ता प्राथमिकताएँ बड़े पैमाने पर उत्पादित विकल्पों की ओर मुड़ गई हैं, जिससे स्थानीय शैंडियों की मांग घट गई है।
साथ ही, राज्य में पशुप्रजा में तेज गिरावट ने शिल्पकारों के लिए कच्चे माल की उपलब्धता को सीमित कर दिया है।
इन दोनों कारकों के कारण यह परंपरागत शिल्प, जो एक बार क्षेत्र में हजारों परिवारों का समर्थन करता था, अब संकट में है।