🔥 TRENDING Hampi Gears Up for Vibrant Cultural Fe... Major Drug Trafficking Network Bust in... ED dismantles hawala network tied to M... Sniffer Dog to Combat Drug Trafficking... ISRO Successfully Conducts Key Test fo... Women's Empowerment Trade Fair Draws C...
25 Oct 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা

तमिलनाडु में RSS का रूट मार्च, हाई कोर्ट की अनुमति के बाद सियासी हलचल तेज

✍️ Reporter: Ratneshwar Chandrakant Jha 🗓 25 Oct 2026, 03:10 PM 👁 9
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

तमिलनाडु में RSS का रूट मार्च, हाई कोर्ट की अनुमति के बाद सियासी हलचल तेज

तमिलनाडु में RSS का रूट मार्च, हाई कोर्ट की अनुमति के बाद सियासी हलचल तेज

तमिलनाडु में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS का रूट मार्च आज चर्चा का विषय बना हुआ है। मद्रास हाई कोर्ट की अनुमति के बाद चेन्नई समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में संघ के स्वयंसेवक पथ संचलन निकाल रहे हैं। इस पूरे मामले में राज्य सरकार की आपत्तियों, पुलिस की भूमिका और अदालत के आदेश को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

लेकिन आखिर पूरा मामला क्या है? राज्य में RSS के रूट मार्च को लेकर विवाद क्यों हुआ और हाई कोर्ट को हस्तक्षेप क्यों करना पड़ा? आइए, समझते हैं इस पूरे घटनाक्रम को।

तमिलनाडु से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां मद्रास हाई कोर्ट के आदेश के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत रूट मार्च आयोजित कर रहा है।

प्राप्त रिपोर्टों के मुताबिक, संघ ने राज्य के 128 स्थानों पर पथ संचलन और सार्वजनिक सभाओं के आयोजन की अनुमति मांगी थी। अनुमति को लेकर विवाद सामने आने के बाद मामला मद्रास हाई कोर्ट पहुंचा।

RSS की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने पुलिस को कार्यक्रमों की अनुमति की प्रक्रिया पूरी करने और आयोजकों के साथ समन्वय स्थापित कर रूट, समय तथा सभा स्थलों को अंतिम रूप देने का निर्देश

दरअसल, पुलिस ने प्रस्तावित मार्च के रास्तों पर दूसरे समुदायों के धार्मिक स्थल होने, यातायात बाधित होने और कानून-व्यवस्था से जुड़ी आशंकाओं सहित कई कारणों का हवाला दिया था।

वहीं, हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि पहले की न्यायिक कार्यवाहियों में जिन कारणों पर विचार किया जा चुका है, उन्हीं आधारों पर बार-बार अनुमति रोकना उचित नहीं है।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जुलूस आयोजित करने की अनुमति निर्धारित कानूनी शर्तों के अधीन होगी और आयोजकों को पहले से लागू दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।

इस घटनाक्रम को लेकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय का नाम भी सुर्खियों में है। हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि राज्य सरकार और पुलिस की अनुमति संबंधी आपत्तियों को मुख्यमंत्री विजय के व्यक्तिगत विरोध के बराबर नहीं माना जा सकता।

उपलब्ध रिपोर्टों से यह सामने आता है कि अनुमति को लेकर राज्य प्रशासन और RSS के बीच विवाद था, जिसके बाद अदालत ने हस्तक्षेप किया। विजय की व्यक्तिगत भूमिका या उनके स्पष्ट विरोध के दावे की पुष्टि के लिए उनके आधिकारिक बयान अथवा संबंधित सरकारी दस्तावेज की आवश्यकता होगी।
📲Get App