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तंबाकू मुक्त युवा अभियान 4.0 का जिला स्तरीय शुभारंभ मुरैना में
कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशन में, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत तंबाकू मुक्त युवा अभियान 4.0 का मुरैना जिला चिकित्सालय में शुभारंभ हुआ।
बुधवार को मुरैना जिला चिकित्सालय में तंबाकू मुक्त युवा अभियान 4.0 का जिला स्तरीय शुभारंभ किया गया, जिसमें कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पदमेश उपाध्याय तथा सिविल सर्जन डॉ. जी.एस. तोमर ने कार्यक्रम का नेतृत्व किया। कार्यक्रम की शुरुआत आर.एम.ओ. डॉ. डी.एस. यादव एवं जिला नोडल अधिकारी डॉ. सत्येंद्र कौरव की उपस्थिति में हुई।
अभियान का उद्देश्य युवाओं और आमजन को तंबाकू सेवन के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इसके तहत तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों और स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों की जानकारी जन-जन तक पहुँचाई जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने तथा आमजन को तंबाकू सेवन के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की शपथ ली। इस अवसर पर जिला चिकित्सालय का स्टाफ एवं उपचाररत मरीज भी उपस्थित रहे।
इस कार्यक्रम के माध्यम से तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्यगत नुकसान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और विशेष रूप से युवाओं को इसकी लत से बचाने का संदेश दिया गया।
जनसहभागिता एवं निरंतर जागरूकता के माध्यम से स्वस्थ समाज के निर्माण और तंबाकू मुक्त भविष्य की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा सकते हैं।
अभियान का उद्देश्य युवाओं और आमजन को तंबाकू सेवन के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इसके तहत तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों और स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों की जानकारी जन-जन तक पहुँचाई जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने तथा आमजन को तंबाकू सेवन के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की शपथ ली। इस अवसर पर जिला चिकित्सालय का स्टाफ एवं उपचाररत मरीज भी उपस्थित रहे।
इस कार्यक्रम के माध्यम से तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्यगत नुकसान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और विशेष रूप से युवाओं को इसकी लत से बचाने का संदेश दिया गया।
जनसहभागिता एवं निरंतर जागरूकता के माध्यम से स्वस्थ समाज के निर्माण और तंबाकू मुक्त भविष्य की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा सकते हैं।