📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Dpenguinman
बिज़नेस
सुजलॉन ग्रुप ने किया आंध्र प्रदेश में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश
✍️ The Economic Times
🗓 24 अग. 2026, 06:33 PM
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सुजलॉन ग्रुप ने आंध्र प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 10,000 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना की घोषणा की, जिससे राज्य में उसकी पवन ऊर्जा क्षमता में बड़ा विस्तार होगा।
सुजलॉन ग्रुप, जो भारत के प्रमुख पवन ऊर्जा निर्माताओं में से एक है, ने आंध्र प्रदेश में अपने नवीकरणीय ऊर्जा पदचिह्न को विस्तारित करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के रणनीतिक निवेश की घोषणा की है। यह राशि नई पवन फार्मों के निर्माण, मौजूदा साइटों के आधुनिकीकरण और राज्य में निर्माण एवं सेवा सुविधाओं के विकास के लिए उपयोग की जाएगी।
यह कदम केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा शून्य‑उत्सर्जन लक्ष्य के तहत नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के प्रयासों के साथ मेल खाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निवेश से कई गीगावॉट पवन ऊर्जा उत्पादन जुड़ सकता है, जिससे रोजगार सृजन और सहायक उद्योगों को भी लाभ होगा।
सुजलॉन ने विस्तृत समय‑सारिणी नहीं दी है, पर अधिकारियों ने बताया कि परियोजना योजना और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रियाएँ पहले ही शुरू हो चुकी हैं। कंपनी का अनुमान है कि यह निवेश आंध्र प्रदेश को कर राजस्व और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के रूप में महत्वपूर्ण आर्थिक लाभ प्रदान करेगा।
स्थानीय प्राधिकरण और नवीकरणीय ऊर्जा समर्थकों ने इस कदम का स्वागत किया, क्योंकि यह राज्य की सतत ऊर्जा में परिवर्तन को तेज़ करेगा और सुजलॉन की बाजार स्थिति को मजबूत करेगा।
10,000 करोड़ रुपये का यह निवेश सुजलॉन की आंध्र प्रदेश की पवन संसाधनों और अनुकूल नीतियों में विश्वास को दर्शाता है, जिससे राज्य भारत के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य में प्रमुख केंद्र बन सकता है।
यह कदम केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा शून्य‑उत्सर्जन लक्ष्य के तहत नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के प्रयासों के साथ मेल खाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निवेश से कई गीगावॉट पवन ऊर्जा उत्पादन जुड़ सकता है, जिससे रोजगार सृजन और सहायक उद्योगों को भी लाभ होगा।
सुजलॉन ने विस्तृत समय‑सारिणी नहीं दी है, पर अधिकारियों ने बताया कि परियोजना योजना और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रियाएँ पहले ही शुरू हो चुकी हैं। कंपनी का अनुमान है कि यह निवेश आंध्र प्रदेश को कर राजस्व और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के रूप में महत्वपूर्ण आर्थिक लाभ प्रदान करेगा।
स्थानीय प्राधिकरण और नवीकरणीय ऊर्जा समर्थकों ने इस कदम का स्वागत किया, क्योंकि यह राज्य की सतत ऊर्जा में परिवर्तन को तेज़ करेगा और सुजलॉन की बाजार स्थिति को मजबूत करेगा।
10,000 करोड़ रुपये का यह निवेश सुजलॉन की आंध्र प्रदेश की पवन संसाधनों और अनुकूल नीतियों में विश्वास को दर्शाता है, जिससे राज्य भारत के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य में प्रमुख केंद्र बन सकता है।