🔥 ट्रेंडिंग तमिलनाडु सरकार ने टैम्परम आयुक्त को टे... उ.प्र. एटीएस ने तमिलनाडु में अल-कायदा... अभिनेता विजय और डीएमके के झगड़े से तमि... पाटवारी ने 50 लाख ज़मींदारों की मुफ्त... मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पशु चिकित्सको... इन्फोसिस ने इंदौर कैंपस में नया सॉफ़्ट...
16 सित. 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में शरण ली
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
अपराध

निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में शरण ली

✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh 🗓 16 सित. 2026, 08:45 PM 👁 11
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

फरार हुई सिविल सेवा अधिकारी नेहा पच्चीसिया ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुरक्षा के लिए आवेदन किया है, जिसका फैसला अभी लंबित है।

निलंबित सिविल सेवा प्रोबेशनर (CSP) अधिकारी नेहा पच्चीसिया, जिन्हें फरार घोषित किया गया था, ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में शरण के लिए आवेदन दायर किया है। कोर्ट ने उनके याचिका को दर्ज किया और तथ्यों की जांच के बाद निर्णय देने की सूचना दी है।

राज्य प्रशासन की ओर से नेहा पच्चीसिया की अनुपस्थिति पर नोटिस जारी किया गया, जिसके बाद उन्हें सेवा नियमों के तहत फरार घोषित किया गया। हाईकोर्ट में याचिका दायर करना प्रशासनिक कार्रवाई को चुनौती देने और आगे की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने का उनका प्रयास दर्शाता है।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि हाईकोर्ट का हस्तक्षेप अस्थायी राहत प्रदान कर सकता है, परंतु अंतिम निर्णय इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या अधिकारी अपनी अनुपस्थिति के कारणों को सिद्ध कर पाती है और प्रक्रिया संबंधी आवश्यकताओं का पालन करती है।

यह मामला सरकारी अधिकारी के सम्मन से बचने पर उत्पन्न प्रक्रियात्मक जटिलताओं को उजागर करता है, जिसमें प्रशासनिक अधिकार और व्यक्तिगत कानूनी उपायों के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है।

हाईकोर्ट के निर्णय के आने में कुछ हफ्ते लग सकते हैं, जो तय करेगा कि नेहा पच्चीसिया अपने कर्तव्यों को पुनः आरंभ कर पाएंगी या अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।
📲Get App