📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Niti Aayog
बिज़नेस
सर्जित भल्ला की SIR गणना में 13 करोड़ नाम हटाए, केवल 70 लाख अनसुलझे
✍️ India Today
🗓 18 अक्टू. 2026, 12:32 PM
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अर्थशास्त्री सर्जित भल्ला की SIR पद्धति से की गई सांख्यिकीय विश्लेषण में 13 करोड़ प्रविष्टियाँ हटाई गईं, केवल 70 लाख रिकॉर्ड अनसुलझे रह गए।
अर्थशास्त्री सर्जित भल्ला ने सार्वजनिक डेटाबेस पर SIR (Statistical Information Review) पद्धति लागू करके महत्वपूर्ण विसंगतियों का पता लगाया।
विश्लेषण से पता चला कि 13 करोड़ नामों को डुप्लिकेट या त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों के रूप में हटाया गया, जबकि केवल 70 लाख नाम अनसुलझे रह गए।
इससे स्पष्ट होता है कि डेटा का एक बड़ा हिस्सा गलत तरीके से दर्ज या दोहराया गया था, और शेष अनसुलझे प्रविष्टियों के लिए आगे सत्यापन आवश्यक हो सकता है।
भल्ला का कार्य सरकार के डेटा सेटों की विश्वसनीयता बढ़ाने के चल रहे प्रयास का हिस्सा है, जिससे सांख्यिकीय रिपोर्टें सटीक जानकारी पर आधारित हों।
इन रिकॉर्डों की सफाई से भविष्य के डेटा-आधारित निर्णय लेने में सुधार और नीतिगत त्रुटियों के जोखिम को कम करने की उम्मीद है।
विश्लेषण से पता चला कि 13 करोड़ नामों को डुप्लिकेट या त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों के रूप में हटाया गया, जबकि केवल 70 लाख नाम अनसुलझे रह गए।
इससे स्पष्ट होता है कि डेटा का एक बड़ा हिस्सा गलत तरीके से दर्ज या दोहराया गया था, और शेष अनसुलझे प्रविष्टियों के लिए आगे सत्यापन आवश्यक हो सकता है।
भल्ला का कार्य सरकार के डेटा सेटों की विश्वसनीयता बढ़ाने के चल रहे प्रयास का हिस्सा है, जिससे सांख्यिकीय रिपोर्टें सटीक जानकारी पर आधारित हों।
इन रिकॉर्डों की सफाई से भविष्य के डेटा-आधारित निर्णय लेने में सुधार और नीतिगत त्रुटियों के जोखिम को कम करने की उम्मीद है।