📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhashish Panigrahi
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सुप्रीम कोर्ट में सन्तोष असोसिएट प्राइवेट लिमिटेड और हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल डवलपमेंट कॉर्पोरेशन के बीच विवाद
✍️ Live Law
🗓 18 अग. 2026, 03:17 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने 2026 में सन्तोष असोसिएट प्राइवेट लिमिटेड और हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के बीच विवाद को सुना जाने के लिए लिया है।
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने 2026 में केस नंबर 818 दर्ज किया है, जिसमें M/s सन्तोष असोसिएट प्राइवेट लिमिटेड और हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (HSIIDC) शामिल हैं। यह विवाद राज्य के भीतर औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास से संबंधित मुद्दों पर केंद्रित है।
सन्तोष असोसिएट प्राइवेट लिमिटेड ने HSIIDC के तहत कुछ परियोजनाओं के निष्पादन के बारे में चिंता जताई है, यह दावा करते हुए कि अनुबंधीय और प्रक्रियात्मक समस्याओं ने प्रगति को बाधित किया है। दूसरी ओर, कॉर्पोरेशन ने अपनी कार्रवाइयों को राज्य विनियमों और उद्योग मानकों के अनुरूप बताया है।
कोर्ट ने इस मामले की जाँच के लिए सुनवाई का समय तय किया है, हालांकि सटीक तिथि अभी घोषित नहीं की गई है। दोनों पक्षों से उम्मीद है कि वे सुनवाई के दौरान अपने तर्क और सहायक दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे।
यह मामला महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राज्य-नेतृत्व वाले औद्योगिक पहलों के व्यापक ढांचे और भारत में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को लागू करने में निजी इकाइयों की भूमिका को छूता है।
सन्तोष असोसिएट प्राइवेट लिमिटेड ने HSIIDC के तहत कुछ परियोजनाओं के निष्पादन के बारे में चिंता जताई है, यह दावा करते हुए कि अनुबंधीय और प्रक्रियात्मक समस्याओं ने प्रगति को बाधित किया है। दूसरी ओर, कॉर्पोरेशन ने अपनी कार्रवाइयों को राज्य विनियमों और उद्योग मानकों के अनुरूप बताया है।
कोर्ट ने इस मामले की जाँच के लिए सुनवाई का समय तय किया है, हालांकि सटीक तिथि अभी घोषित नहीं की गई है। दोनों पक्षों से उम्मीद है कि वे सुनवाई के दौरान अपने तर्क और सहायक दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे।
यह मामला महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राज्य-नेतृत्व वाले औद्योगिक पहलों के व्यापक ढांचे और भारत में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को लागू करने में निजी इकाइयों की भूमिका को छूता है।