📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Diliff
स्थानीय
सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई: भोपाल के 62,500 आवासीय क्षेत्रों के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का मामला
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 15 सित. 2026, 09:16 AM
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सुप्रीम कोर्ट आज भोपाल में आवासीय क्षेत्रों में स्थित 62,500 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नगर निगम की कार्रवाई और रहवासियों की आपत्तियों से संबंधित याचिका पर सुनवाई करेगा।
भोपाल, मध्य प्रदेश – मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में वह याचिका सुनी जाएगी जिसमें भोपाल नगर निगम द्वारा आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को रोकने के कदम को चुनौती दी गई है। याचिका में लगभग 62,500 प्रतिष्ठानों का उल्लेख है जिन्हें नगरपालिका ने अवैध रूप से कार्यरत बताया है।
नगर निगम ने एक विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट पेश की है, जिसमें ज़ोनिंग नियमों का उल्लंघन, ट्रैफ़िक बढ़ना, शोर प्रदूषण और स्थानीय बुनियादी ढांचे पर दबाव जैसे मुद्दों को उजागर किया गया है। यह रिपोर्ट इन व्यवसायों को हटाने या स्थानांतरित करने तथा गैर‑अनुपालन करने वालों पर दंड लगाने की मंजूरी चाहती है।
रहिवासी कल्याण संघों के प्रतिनिधि भी उपस्थित होंगे और तर्क देंगे कि अनियंत्रित दुकानों और कार्यशालाओं के प्रसार से स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में गिरावट आई है। वे त्वरित कार्यवाही और अवैध प्रतिष्ठानों से हुए नुकसान की भरपाई की मांग कर रहे हैं।
कानूनी विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला भारतीय शहरों में व्यावसायिक विकास और आवासीय कल्याण के संतुलन को परिभाषित करने में एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।
नगर निगम ने एक विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट पेश की है, जिसमें ज़ोनिंग नियमों का उल्लंघन, ट्रैफ़िक बढ़ना, शोर प्रदूषण और स्थानीय बुनियादी ढांचे पर दबाव जैसे मुद्दों को उजागर किया गया है। यह रिपोर्ट इन व्यवसायों को हटाने या स्थानांतरित करने तथा गैर‑अनुपालन करने वालों पर दंड लगाने की मंजूरी चाहती है।
रहिवासी कल्याण संघों के प्रतिनिधि भी उपस्थित होंगे और तर्क देंगे कि अनियंत्रित दुकानों और कार्यशालाओं के प्रसार से स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में गिरावट आई है। वे त्वरित कार्यवाही और अवैध प्रतिष्ठानों से हुए नुकसान की भरपाई की मांग कर रहे हैं।
कानूनी विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला भारतीय शहरों में व्यावसायिक विकास और आवासीय कल्याण के संतुलन को परिभाषित करने में एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।