📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pinakpani
राजनीति
सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु को कावरी अथॉरिटी से संपर्क करने का निर्देश, कर्नाटक के जल रिलीज़ पर
✍️ Business Standard
🗓 25 अग. 2026, 02:49 AM
👁 7
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक द्वारा कावरी नदी का जल रिलीज़ करने के बाद तमिलनाडु को कावरी वाटर मैनेजमेंट अथॉरिटी से अपनी शिकायत दर्ज करने का आदेश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने कावरी जल विवाद के संदर्भ में तमिलनाडु सरकार को कर्नाटक द्वारा हाल ही में किए गए जल रिलीज़ के प्रति अपनी आपत्तियां कावरी वाटर मैनेजमेंट अथॉरिटी (CWMA) के पास ले जाने का आदेश दिया है। कर्नाटक ने नदी के जल को नीचे की ओर बहने दिया, जिसे तमिलनाडु ने अपनी कृषि आवश्यकताओं के लिए अपर्याप्त बताया।
अदालत ने कहा कि अंतरराज्यीय जल मुद्दों का समाधान CWMA के माध्यम से होना चाहिए, जो कावरी जल विवाद न्यायाधिकरण के तहत स्थापित एक निगरानी निकाय है। तमिलनाडु को निर्देश दिया गया है कि वह इस रिलीज़ के अपने क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रभाव को दर्शाते हुए आधिकारिक आवेदन CWMA को प्रस्तुत करे।
यह आदेश न्यायपालिका की भूमिका को तकनीकी तंत्र के माध्यम से विवाद को सुलझाने की ओर इंगित करता है, न कि दो राज्यों के बीच सीधे राजनीतिक वार्ता में हस्तक्षेप करने की। कर्नाटक और तमिलनाडु दोनों ने पहले भी जल आवंटन को लेकर अदालत में याचिकाएं दायर की थीं, और वर्तमान आदेश विवाद को स्थापित कानूनी ढाँचे में लाने का प्रयास है।
अदालत ने कहा कि अंतरराज्यीय जल मुद्दों का समाधान CWMA के माध्यम से होना चाहिए, जो कावरी जल विवाद न्यायाधिकरण के तहत स्थापित एक निगरानी निकाय है। तमिलनाडु को निर्देश दिया गया है कि वह इस रिलीज़ के अपने क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रभाव को दर्शाते हुए आधिकारिक आवेदन CWMA को प्रस्तुत करे।
यह आदेश न्यायपालिका की भूमिका को तकनीकी तंत्र के माध्यम से विवाद को सुलझाने की ओर इंगित करता है, न कि दो राज्यों के बीच सीधे राजनीतिक वार्ता में हस्तक्षेप करने की। कर्नाटक और तमिलनाडु दोनों ने पहले भी जल आवंटन को लेकर अदालत में याचिकाएं दायर की थीं, और वर्तमान आदेश विवाद को स्थापित कानूनी ढाँचे में लाने का प्रयास है।