📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Diliff
अपराध
सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग के खिलाफ हिंसा के मामले में कहा ‘बच्चा बच्चा है’
✍️ Mathrubhumi English
🗓 11 सित. 2026, 03:02 AM
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सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग के खिलाफ हिंसा के आरोपों वाले मामले में कहा कि बच्चा हमेशा बच्चा ही रहता है।
सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग के खिलाफ हिंसा का आरोप लगने वाले याचिका पर सुनवाई के दौरान यह कहा कि बच्चा हमेशा बच्चा ही रहता है, चाहे परिस्थितियाँ कुछ भी हों। यह टिप्पणी उस मामले में की गई जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJP) को पक्ष के रूप में शामिल किया गया है।
याचिका में कहा गया है कि नाबालिग को शारीरिक या मनोवैज्ञानिक नुकसान पहुंचाया गया, जिससे कोर्ट ने तथ्यों और आरोपित पक्ष की कानूनी जिम्मेदारियों की जाँच का आदेश दिया। याचिका में विस्तृत साक्ष्य नहीं बताए गए, पर कोर्ट ने बाल शोषण के सभी दावों की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर बल दिया।
"बच्चा बच्चा है" कहकर सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि नाबालिग के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा को कड़ी संवेदनशीलता के साथ देखा जाएगा। जांच के परिणाम के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिससे बच्चों को भारतीय कानून के तहत विशेष सुरक्षा मिलती रहेगी।
याचिका में कहा गया है कि नाबालिग को शारीरिक या मनोवैज्ञानिक नुकसान पहुंचाया गया, जिससे कोर्ट ने तथ्यों और आरोपित पक्ष की कानूनी जिम्मेदारियों की जाँच का आदेश दिया। याचिका में विस्तृत साक्ष्य नहीं बताए गए, पर कोर्ट ने बाल शोषण के सभी दावों की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर बल दिया।
"बच्चा बच्चा है" कहकर सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि नाबालिग के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा को कड़ी संवेदनशीलता के साथ देखा जाएगा। जांच के परिणाम के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिससे बच्चों को भारतीय कानून के तहत विशेष सुरक्षा मिलती रहेगी।