🔥 ट्रेंडिंग कोलकाता ने जारी किया येलो वॉटर अलर्ट,... मुसहीराबाद में YSR पार्क के पास घर में... दानम नागेन्द्र का अपात्र घोषित, खैरताब... आईआईटी हैदराबाद और केयन्स सेमीकॉन ने च... SEMICON इंडिया 2026 दिन 2: 25 नई घोषणा... UPI मूल्य निर्धारण की नाजुक अर्थव्यवस्...
19 सित. 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, राजस्व अभिलेख में बदलाव से संपत्ति का शीर्षक नहीं बदलता
📷 चित्र स्रोत: TOI India (via NewsData)
बिज़नेस

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, राजस्व अभिलेख में बदलाव से संपत्ति का शीर्षक नहीं बदलता

✍️ TOI India 🗓 24 अग. 2026, 07:53 AM 👁 25
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल राजस्व अभिलेख में बदलाव से संपत्ति का शीर्षक नहीं बनता या समाप्त नहीं होता।

अधोमुखी न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि राजस्व अभिलेख में बदलाव से संपत्ति के स्वामित्व अधिकार स्वतः नहीं बनते या समाप्त नहीं होते। कोर्ट ने कहा कि भूमि का शीर्षक पंजीकरण अधिनियम और संबंधित नियमों द्वारा निर्धारित होता है, जबकि राजस्व अभिलेख केवल प्रशासनिक दस्तावेज़ होते हैं।

यह फैसला एक याचिका के जवाब में आया, जिसमें निचले न्यायालय ने संशोधित राजस्व अभिलेख के आधार पर बिक्री अनुबंध को रद्द करने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उचित पंजीकरण के बिना, राजस्व अभिलेख में कोई भी परिवर्तन शीर्षक को नहीं बदलता।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय उन कई संपत्ति‑शीर्षक विवादों को प्रभावित करेगा जहाँ पक्ष राजस्व अभिलेख को चुनौती देते हैं। पंजीकरण को प्राथमिकता देकर अदालत का उद्देश्य केवल राजस्व‑अभिलेख पर आधारित मुकदमों को कम करना है।

निर्णय यह भी रेखांकित करता है कि स्वामित्व में कोई परिवर्तन करने के लिए सटीक दस्तावेज़ीकरण और पंजीकरण आवश्यक है, और केवल राजस्व अभिलेख से कानूनी शीर्षक नहीं बदला जा सकता।
📲Get App