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सुप्रीम कोर्ट ने कहा: बिहार SIR से मतदाता सूची में बाहर होने से अन्य अधिकार नहीं खोते
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pinakpani
राजनीति

सुप्रीम कोर्ट ने कहा: बिहार SIR से मतदाता सूची में बाहर होने से अन्य अधिकार नहीं खोते

✍️ Live Law 🗓 25 अग. 2026, 09:03 PM 👁 47
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सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिहार की मतदाता सूची से बाहर किए जाने से किसी भी नागरिक के अन्य वैधानिक अधिकार नहीं छूटते।

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची से नाम हटाने को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि मतदाता सूची से बाहर होना केवल चुनावी पात्रता से जुड़ा एक प्रक्रिया है और इससे किसी नागरिक के सामाजिक कल्याण योजनाओं, शैक्षिक लाभों या अन्य वैधानिक अधिकारों का हनन नहीं होता।

याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि सूची से हटाए जाने से उन्हें सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित किया जा रहा है, जो मतदाता पहचान पर निर्भर करती हैं। कोर्ट ने इस दावे को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि मतदाता रजिस्टर और सामाजिक योजनाओं के लाभार्थी सूची अलग‑अलग कानूनी दस्तावेज़ हैं।

फैसले में राज्य प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि मतदाता सूची में संशोधन करते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी नागरिक के अन्य अधिकारों पर कोई असर न पड़े। साथ ही, सूची अद्यतन की प्रक्रिया में स्पष्ट सुरक्षा उपाय अपनाए जाएँ, ताकि अनजाने में लाभों से वंचित न किया जाए।

कानूनी विशेषज्ञ इस निर्णय को नागरिक अधिकारों की सुरक्षा के एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देख रहे हैं, जो चुनावी डेटा के दुरुपयोग को रोकता है और सार्वजनिक सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करता है।
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