📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhashish Panigrahi
राजनीति
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब‑हरियाणा बार काउंसिल के रिक्त पद चुनाव पर चुनौती को खारिज किया
✍️ Live Law
🗓 29 अक्टू. 2026, 04:32 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब‑हरियाणा बार काउंसिल के रिक्त पद चुनाव पर चुनौती को खारिज कर दिया, यह पुष्टि करते हुए कि चुनाव वैधानिक नियमों के अनुरूप था।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल में रिक्त पद के चुनाव पर दायर एक याचिका को खारिज कर दिया। इस याचिका में एक वकील ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और चुने गए उम्मीदवार की पात्रता पर सवाल उठाया था। अदालत ने पाया कि इन दावों का समर्थन करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं थे और चुनाव के परिणाम को रोका नहीं गया।
अदालत के आदेश में यह स्पष्ट किया गया कि बार काउंसिल अधिनियम और उसके नियमों के अनुसार ही ऐसी चुनावी प्रक्रियाएँ चलनी चाहिए। यह भी दोहराया गया कि काउंसिल को रिक्त पदों को भरण का अधिकार है, बशर्ते कि वह वैधानिक ढाँचे का पालन करे।
इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि बार काउंसिल चुनावों पर चुनौती देने के लिए साक्ष्य का उच्च मानक आवश्यक है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला पेशेवर निकायों की आंतरिक चुनावी प्रक्रियाओं में स्वायत्तता को पुनः स्थापित करता है और भारत में भविष्य के बार काउंसिल विवादों पर प्रभाव डाल सकता है।
अदालत के आदेश में यह स्पष्ट किया गया कि बार काउंसिल अधिनियम और उसके नियमों के अनुसार ही ऐसी चुनावी प्रक्रियाएँ चलनी चाहिए। यह भी दोहराया गया कि काउंसिल को रिक्त पदों को भरण का अधिकार है, बशर्ते कि वह वैधानिक ढाँचे का पालन करे।
इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि बार काउंसिल चुनावों पर चुनौती देने के लिए साक्ष्य का उच्च मानक आवश्यक है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला पेशेवर निकायों की आंतरिक चुनावी प्रक्रियाओं में स्वायत्तता को पुनः स्थापित करता है और भारत में भविष्य के बार काउंसिल विवादों पर प्रभाव डाल सकता है।