📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhashish Panigrahi
अपराध
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान की नदियों में अवैध बजरी खनन पर जांच के लिए SIT का गठन आदेशित किया
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 07 नव. 2026, 09:47 AM
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सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को तीन दिनों के भीतर लूनी, जोजारी और बांडी नदियों में अवैध बजरी खनन की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम गठित करने का निर्देश दिया, पर्यावरण प्रदूषण के कारण।
सुप्रीम कोर्ट ने लूनी, जोजारी और बांडी नदियों में अवैध बजरी खनन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने राजस्थान सरकार को तीन दिनों के भीतर एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने का आदेश दिया, जिसे IGIP रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में चलाया जाएगा।
यह आदेश पर्यावरण प्रदूषण और अनियंत्रित बजरी निष्कर्षण के कारण हुए क्षरण के सबूतों के बाद आया है। SIT से अपेक्षा है कि वह विस्तृत जांच करे, फोरेंसिक साक्ष्य एकत्र करे और अपराधियों के खिलाफ दण्डात्मक कदम सुझाए।
राजस्थान सरकार को टीम बनाने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है; यदि समय पर कार्यवाही नहीं हुई तो अदालत आगे की कार्रवाई कर सकती है। यह आदेश न्यायपालिका की प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा और पर्यावरणीय कानूनों को लागू करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पर्यावरण संगठनों ने इस कदम की सराहना की है और नदी पारिस्थितिक तंत्र को हुए नुकसान को रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई की मांग की है। SIT की रिपोर्ट राज्य में भविष्य की खनन और नदी संरक्षण नीतियों को प्रभावित करेगी।
यह आदेश पर्यावरण प्रदूषण और अनियंत्रित बजरी निष्कर्षण के कारण हुए क्षरण के सबूतों के बाद आया है। SIT से अपेक्षा है कि वह विस्तृत जांच करे, फोरेंसिक साक्ष्य एकत्र करे और अपराधियों के खिलाफ दण्डात्मक कदम सुझाए।
राजस्थान सरकार को टीम बनाने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है; यदि समय पर कार्यवाही नहीं हुई तो अदालत आगे की कार्रवाई कर सकती है। यह आदेश न्यायपालिका की प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा और पर्यावरणीय कानूनों को लागू करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पर्यावरण संगठनों ने इस कदम की सराहना की है और नदी पारिस्थितिक तंत्र को हुए नुकसान को रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई की मांग की है। SIT की रिपोर्ट राज्य में भविष्य की खनन और नदी संरक्षण नीतियों को प्रभावित करेगी।