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04 नव. 2026•
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सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष को निर्मला सप्रे के दलबदल मामले पर दो महीने में फैसला सुनाने का निर्देश दिया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Finance of India
राजनीति

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष को निर्मला सप्रे के दलबदल मामले पर दो महीने में फैसला सुनाने का निर्देश दिया

✍️ Amar Ujala · Sagar 🗓 04 नव. 2026, 02:16 PM 👁 6
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सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को बीना (सागर) की विधायक निर्मला सप्रे के दलबदल याचिका पर 60 दिनों के भीतर फैसला सुनाने का आदेश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के बीना (सागर) निर्वाचन क्षेत्र की विधायक निर्मला सप्रे के खिलाफ दलबदल याचिका में हस्तक्षेप किया है। कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को दो महीने के भीतर निर्णय देने का निर्देश दिया।

सप्रे का दावा है कि उनकी पार्टी संबद्धता को दलबदल कानून के उल्लंघन के रूप में बदला गया, जिससे कानूनी जांच शुरू हुई। अध्यक्ष, जो केंद्रीय मंत्री भी हैं, अब संविधान के दसवें अनुसूची के प्रावधानों के अनुसार साक्ष्य की समीक्षा करके निर्णय देंगे।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदेश राजनीतिक विवादों के त्वरित समाधान में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है, जो विधान सभा की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। अंतिम निर्णय यह तय करेगा कि सप्रे को अपना पद बरकरार रहेगा या दलबदल प्रावधानों के तहत अयोग्य घोषित किया जाएगा।

यह मामला राज्य राजनीति में चल रहे तनाव को उजागर करता है, जहाँ पार्टी बदलने के आरोप अक्सर न्यायिक हस्तक्षेप का कारण बनते हैं। सुप्रीम कोर्ट का आदेश विधानसभा में अनिश्चितता को रोकने के लिए समय सीमा निर्धारित करता है।

निर्दिष्ट अवधि के भीतर अंतिम फैसला अपेक्षित है, जिसके बाद विधानसभा कोर्ट के आदेशानुसार कार्यवाही करेगी।
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