📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Supreme Court of India
देश
सुप्रीम कोर्ट जस्टिस संदीप मेहता ने राजस्थान हाईकोर्ट जांच में हस्तक्षेप पर CJI को चौथा पत्र भेजा
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 08 सित. 2026, 11:02 AM
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संजीव प्रकाश शर्मा द्वारा राजस्थान हाईकोर्ट जज की आंतरिक जांच में हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए जस्टिस संदीप मेहता ने CJI को चौथा पत्र लिखा है।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता ने मुख्य न्यायाधीश को चौथा पत्र भेजते हुए राजस्थान हाईकोर्ट के एक जज की आंतरिक जांच में जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा के हस्तक्षेप का आरोप लगाया है। यह आरोप जांच की स्वतंत्रता को प्रभावित करने की संभावना पर आधारित है।
राजस्थान हाईकोर्ट में इस विवाद ने फिर से चर्चा को जन्म दिया है, जहाँ जजों के बीच आंतरिक जांच की प्रक्रिया और वरिष्ठ जजों की भूमिका को लेकर मतभेद उभरे हैं। इस मुद्दे ने देश भर के कानूनी वर्ग में पारदर्शिता की चिंताएँ बढ़ा दी हैं।
मेहता का यह पत्र इस बात पर बल देता है कि किसी भी अनुचित प्रभाव की जांच सर्वोच्च न्यायालय द्वारा की जानी चाहिए। यह उनका चौथा पत्र है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे इस मुद्दे को सुलझाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, और सुप्रीम कोर्ट ने आगे के कदमों के बारे में कोई विवरण नहीं दिया है। इस स्थिति को कानूनी विश्लेषकों और मीडिया द्वारा बारीकी से देखा जा रहा है।
राजस्थान हाईकोर्ट में इस विवाद ने फिर से चर्चा को जन्म दिया है, जहाँ जजों के बीच आंतरिक जांच की प्रक्रिया और वरिष्ठ जजों की भूमिका को लेकर मतभेद उभरे हैं। इस मुद्दे ने देश भर के कानूनी वर्ग में पारदर्शिता की चिंताएँ बढ़ा दी हैं।
मेहता का यह पत्र इस बात पर बल देता है कि किसी भी अनुचित प्रभाव की जांच सर्वोच्च न्यायालय द्वारा की जानी चाहिए। यह उनका चौथा पत्र है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे इस मुद्दे को सुलझाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, और सुप्रीम कोर्ट ने आगे के कदमों के बारे में कोई विवरण नहीं दिया है। इस स्थिति को कानूनी विश्लेषकों और मीडिया द्वारा बारीकी से देखा जा रहा है।