📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Diliff
मौसम
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली प्रदूषण पर कहा, 'आशा है आप मौसम का आनंद ले रहे हैं'
✍️ NDTV
🗓 06 नव. 2026, 04:32 PM
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दिल्ली में गंभीर धुंध के मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मौसम के बारे में व्यंग्यात्मक टिप्पणी की, जिससे प्रदूषण की समस्या पर बढ़ती निराशा स्पष्ट हुई।
दिल्ली के वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति को लेकर दायर याचिका की सुनवाई के दौरान भारत के सुप्रीम कोर्ट ने "आशा है आप मौसम का आनंद ले रहे हैं" कहकर व्यंग्य किया। यह टिप्पणी उस सुनवाई में की गई जहाँ धुंध के कारणों और सरकार द्वारा पूर्व में दिए गए आदेशों के पालन की जांच की जा रही थी।
शीतकाल में दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लगातार खतरनाक स्तर से ऊपर रहा है, जिससे स्वास्थ्य चेतावनियां जारी की गई हैं और जनता में असंतोष बढ़ा है। पर्यावरण संगठनों ने कोर्ट से कड़े उत्सर्जन मानकों को लागू करने की मांग की है, जबकि अधिकारी मौसमी कारकों और क्षेत्रीय योगदान को चुनौती के रूप में बता रहे हैं।
कानूनी विश्लेषकों का मानना है कि कोर्ट की यह व्यंग्यात्मक टिप्पणी धीमी सुधार प्रक्रिया से बढ़ती निराशा को दर्शाती है। न्यायालय ने पहले राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण और राज्य एजेंसियों को रीयल‑टाइम मॉनिटरिंग और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के उपाय अपनाने का निर्देश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को दो हफ्तों के भीतर विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है, यह स्पष्ट करते हुए कि किसी भी चूक पर आगे की न्यायिक कार्रवाई की जा सकती है। यह मामला खुला है और न्यायपालिका राजधानी के प्रदूषण मुकाबले की प्रगति पर नजर रखेगी।
शीतकाल में दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लगातार खतरनाक स्तर से ऊपर रहा है, जिससे स्वास्थ्य चेतावनियां जारी की गई हैं और जनता में असंतोष बढ़ा है। पर्यावरण संगठनों ने कोर्ट से कड़े उत्सर्जन मानकों को लागू करने की मांग की है, जबकि अधिकारी मौसमी कारकों और क्षेत्रीय योगदान को चुनौती के रूप में बता रहे हैं।
कानूनी विश्लेषकों का मानना है कि कोर्ट की यह व्यंग्यात्मक टिप्पणी धीमी सुधार प्रक्रिया से बढ़ती निराशा को दर्शाती है। न्यायालय ने पहले राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण और राज्य एजेंसियों को रीयल‑टाइम मॉनिटरिंग और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के उपाय अपनाने का निर्देश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को दो हफ्तों के भीतर विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है, यह स्पष्ट करते हुए कि किसी भी चूक पर आगे की न्यायिक कार्रवाई की जा सकती है। यह मामला खुला है और न्यायपालिका राजधानी के प्रदूषण मुकाबले की प्रगति पर नजर रखेगी।