📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhashish Panigrahi
स्थानीय
सुप्रीम कोर्ट ने गोवा और अन्य पक्षों को सांकौले में भुटानी प्रोजेक्ट के खिलाफ नोटिस जारी
✍️ timesofindia.indiatimes.com
🗓 05 सित. 2026, 07:11 AM
👁 25
सुप्रीम कोर्ट ने सांकौले में भुटानी प्रोजेक्ट को चुनौती देने वाली याचिका पर गोवा सरकार व अन्य पक्षों को नोटिस भेजा है।
सुप्रीम कोर्ट ने गोवा राज्य सरकार और अन्य उत्तरदाताओं को सांकौले में चल रहे भुटानी प्रोजेक्ट को चुनौती देने वाली याचिका के जवाब में औपचारिक नोटिस जारी किया है। पर्यावरणीय संगठनों और स्थानीय समूहों द्वारा दायर इस याचिका में परियोजना के वैध अनुमतियों का उल्लंघन और तटीय पारिस्थितिकी तंत्र पर संभावित प्रभाव का हवाला दिया गया है।
अदालत ने उत्तरदाताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना उत्तर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मामले की जाँच उसके मूल तथ्यों के आधार पर की जाएगी। यह नोटिस बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाओं की पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों की जांच में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है।
भुटानी प्रोजेक्ट के विवरण नोटिस में स्पष्ट नहीं किए गए हैं, परन्तु स्थानीय निवासियों ने विस्थापन और पर्यावरणीय क्षति के डर से विरोध जताया है। भारत भर में बुनियादी ढाँचे की परियोजनाओं की कानूनी समीक्षा के संदर्भ में यह सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप पर्यावरणीय नियमों और सार्वजनिक हित की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
मामला अभी भी लंबित है और सभी पक्षों के उत्तर प्राप्त करने के बाद अदालत आगे की सुनवाई की तिथि निर्धारित करेगी।
अदालत ने उत्तरदाताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना उत्तर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मामले की जाँच उसके मूल तथ्यों के आधार पर की जाएगी। यह नोटिस बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाओं की पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों की जांच में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है।
भुटानी प्रोजेक्ट के विवरण नोटिस में स्पष्ट नहीं किए गए हैं, परन्तु स्थानीय निवासियों ने विस्थापन और पर्यावरणीय क्षति के डर से विरोध जताया है। भारत भर में बुनियादी ढाँचे की परियोजनाओं की कानूनी समीक्षा के संदर्भ में यह सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप पर्यावरणीय नियमों और सार्वजनिक हित की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
मामला अभी भी लंबित है और सभी पक्षों के उत्तर प्राप्त करने के बाद अदालत आगे की सुनवाई की तिथि निर्धारित करेगी।