📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of India / PIB
अपराध
सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड पुलिस स्टेशन में 2020 से सीसीटीवी कैमरों की कमी पर प्रकाश डाला
✍️ LawBeat
🗓 03 सित. 2026, 09:33 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि झारखंड के एक पुलिस स्टेशन में 2020 से कोई कार्यशील सीसीटीवी कैमरा नहीं है, जिससे सुरक्षा निर्देशों के अनुपालन पर सवाल उठे।
हाल ही में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि झारखंड के एक पुलिस स्टेशन में 2020 से कोई कार्यशील सीसीटीवी कैमरा नहीं है। न्यायालय ने इस कमी को पुलिस ठिकानों में निगरानी उपकरण स्थापित करने के कानूनी आदेश का उल्लंघन बताया।
सीसीटीवी की स्थापना पारदर्शिता बढ़ाने, दुराचार रोकने और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य थी। कोर्ट के इस टिप्पणी से राज्य सरकार की चार साल से चल रही इस दायित्व में चूक स्पष्ट हुई।
न्यायालय ने झारखंड सरकार को एक निश्चित समय सीमा के भीतर अनुपालन योजना प्रस्तुत करने और बचे हुए कैमरों को तुरंत स्थापित करने का निर्देश दिया। यह आदेश सार्वजनिक सुरक्षा के बुनियादी ढांचे को लागू करने में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से अन्य राज्यों को भी अपने सीसीटीवी कार्यान्वयन की समीक्षा करनी पड़ सकती है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट की जांच जवाबदेही के लिए एक मिसाल स्थापित करती है।
सीसीटीवी की स्थापना पारदर्शिता बढ़ाने, दुराचार रोकने और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य थी। कोर्ट के इस टिप्पणी से राज्य सरकार की चार साल से चल रही इस दायित्व में चूक स्पष्ट हुई।
न्यायालय ने झारखंड सरकार को एक निश्चित समय सीमा के भीतर अनुपालन योजना प्रस्तुत करने और बचे हुए कैमरों को तुरंत स्थापित करने का निर्देश दिया। यह आदेश सार्वजनिक सुरक्षा के बुनियादी ढांचे को लागू करने में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से अन्य राज्यों को भी अपने सीसीटीवी कार्यान्वयन की समीक्षा करनी पड़ सकती है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट की जांच जवाबदेही के लिए एक मिसाल स्थापित करती है।