📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhashish Panigrahi
राजनीति
सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दबाव पर प्रोसिक्यूशन निर्णय की आलोचना की, राजस्थान सरकार पर निशाना साधा
✍️ Live Law
🗓 31 जुल. 2026, 03:18 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने प्रोसिक्यूशन निर्णयों में राजनीतिक हस्तक्षेप की निंदा करते हुए राजस्थान सरकार पर आलोचना की।
सुप्रीम कोर्ट ने आज एक निर्णय में प्रोसिक्यूशन निर्णयों पर राजनीतिक दबाव के उपयोग की निंदा की। अदालत ने कहा कि इस तरह का हस्तक्षेप कानून के शासन को कमजोर करता है और न्याय व्यवस्था पर सार्वजनिक विश्वास को नुकसान पहुँचाता है।
बेंच ने विशेष रूप से राजस्थान सरकार पर आलोचना की, यह कहते हुए कि राजनीतिक विचारों को अभियोजन निर्णयों पर प्रभाव डालने की अनुमति देना अनुचित है। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि राजनेता कानूनी परिणामों को निर्देशित करते रहेंगे तो चयनात्मक न्याय की संभावना बढ़ेगी और न्यायपालिका की स्वतंत्रता खतरे में पड़ेगी।
यह निर्णय कई राज्यों में आपराधिक अभियोजन के राजनीतिकरण को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है। राजस्थान प्रशासन को इंगित करके सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि अभियोजन निर्णय केवल साक्ष्य और कानूनी मेरिट पर आधारित होने चाहिए।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह रुख राज्य सरकारों को याद दिलाता है कि अभियोजन निर्णय राजनीतिक प्रभाव से स्वतंत्र होने चाहिए, ताकि कानून का निष्पक्ष और समान अनुप्रयोग सुनिश्चित किया जा सके।
बेंच ने विशेष रूप से राजस्थान सरकार पर आलोचना की, यह कहते हुए कि राजनीतिक विचारों को अभियोजन निर्णयों पर प्रभाव डालने की अनुमति देना अनुचित है। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि राजनेता कानूनी परिणामों को निर्देशित करते रहेंगे तो चयनात्मक न्याय की संभावना बढ़ेगी और न्यायपालिका की स्वतंत्रता खतरे में पड़ेगी।
यह निर्णय कई राज्यों में आपराधिक अभियोजन के राजनीतिकरण को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है। राजस्थान प्रशासन को इंगित करके सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि अभियोजन निर्णय केवल साक्ष्य और कानूनी मेरिट पर आधारित होने चाहिए।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह रुख राज्य सरकारों को याद दिलाता है कि अभियोजन निर्णय राजनीतिक प्रभाव से स्वतंत्र होने चाहिए, ताकि कानून का निष्पक्ष और समान अनुप्रयोग सुनिश्चित किया जा सके।