📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash.dwivedi
स्थानीय
सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल के मास्टर प्लान ड्राफ्ट को मंजूरी दी
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 22 सित. 2026, 06:46 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को 21 साल से लंबित भोपाल के मास्टर प्लान का ड्राफ्ट जारी करने का निर्देश दिया, साथ ही रहवासी क्षेत्रों में सीलिंग कार्रवाई जारी रहेगी।
एक हालिया फैसले में भारत के सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को भोपाल के मास्टर प्लान का ड्राफ्ट जारी करने की अनुमति दी, जो दस्तावेज़ दो दशकों से अधिक समय से तैयार हो रहा है। यह आदेश 21 साल पहले प्रस्तावित योजना को रोकने वाले प्रमुख कानूनी अड़चन को हटाता है।
ड्राफ्ट के सार्वजनिक होने से शहर के भविष्य के विकास, ज़ोनिंग, बुनियादी ढाँचे के उन्नयन और भूमि‑उपयोग नीतियों का मार्गदर्शन मिलेगा। शहरी योजनाकार और स्थानीय प्राधिकरण उम्मीद कर रहे हैं कि इससे कई रुके हुए विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी और नागरिक सुविधाओं में सुधार होगा।
साथ ही, कोर्ट ने रहवासी क्षेत्रों में अवैध निर्माणों की सीलिंग कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया। अधिकारियों को बिल्डिंग नियमों को लागू करने और अनधिकृत अतिक्रमण को रोकने के लिए मौजूदा सीलिंग ड्राइव को जारी रखने का आदेश दिया गया है।
निवासी कल्याण संगठनों सहित कई हितधारकों ने मास्टर प्लान की स्पष्टता का स्वागत किया, पर साथ ही सीलिंग प्रक्रिया में प्रभावित परिवारों के लिए पर्याप्त सूचना और पुनर्वास उपायों की भी मांग की है।
ड्राफ्ट के सार्वजनिक होने से शहर के भविष्य के विकास, ज़ोनिंग, बुनियादी ढाँचे के उन्नयन और भूमि‑उपयोग नीतियों का मार्गदर्शन मिलेगा। शहरी योजनाकार और स्थानीय प्राधिकरण उम्मीद कर रहे हैं कि इससे कई रुके हुए विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी और नागरिक सुविधाओं में सुधार होगा।
साथ ही, कोर्ट ने रहवासी क्षेत्रों में अवैध निर्माणों की सीलिंग कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया। अधिकारियों को बिल्डिंग नियमों को लागू करने और अनधिकृत अतिक्रमण को रोकने के लिए मौजूदा सीलिंग ड्राइव को जारी रखने का आदेश दिया गया है।
निवासी कल्याण संगठनों सहित कई हितधारकों ने मास्टर प्लान की स्पष्टता का स्वागत किया, पर साथ ही सीलिंग प्रक्रिया में प्रभावित परिवारों के लिए पर्याप्त सूचना और पुनर्वास उपायों की भी मांग की है।