📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pinakpani
राजनीति
सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल के सांसदों व विधायकों के 65 आपराधिक मामलों को वापस लेने की अनुमति दी
✍️ Hindustan Times
🗓 09 सित. 2026, 07:33 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि हिमाचल प्रदेश के वर्तमान व पूर्व सांसदों और विधायकों के विरुद्ध चल रहे 65 आपराधिक मामलों को वापस लिया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने हालिया आदेश में हिमाचल प्रदेश के वर्तमान और पूर्व सांसदों व विधायकों के विरुद्ध दर्ज 65 आपराधिक मामलों को वापस लेने की अनुमति दी है।
इन मामलों में विभिन्न प्रकार के आरोप शामिल थे और वे विभिन्न न्यायालयों व ट्रिब्यूनलों में लंबित थे। कोर्ट का फैसला इन व्यक्तियों को बरी नहीं करता, बल्कि अभियोजन को प्रक्रिया के अनुसार मामलों को बंद करने की अनुमति देता है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय आगामी चुनावों के संदर्भ में राजनीतिक प्रभाव डाल सकता है, क्योंकि लंबित मामलों के हटने से उम्मीदवारों की योग्यता और जनता की धारणा पर असर पड़ सकता है। कोर्ट ने बताया कि यह आदेश प्रक्रिया संबंधी कारणों और याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर विशिष्ट याचिकाओं के आधार पर दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है, जबकि विपक्षी दलों ने इस फैसले की समीक्षा की मांग की है, यह तर्क देते हुए कि यह अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल स्थापित कर सकता है।
इन मामलों में विभिन्न प्रकार के आरोप शामिल थे और वे विभिन्न न्यायालयों व ट्रिब्यूनलों में लंबित थे। कोर्ट का फैसला इन व्यक्तियों को बरी नहीं करता, बल्कि अभियोजन को प्रक्रिया के अनुसार मामलों को बंद करने की अनुमति देता है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय आगामी चुनावों के संदर्भ में राजनीतिक प्रभाव डाल सकता है, क्योंकि लंबित मामलों के हटने से उम्मीदवारों की योग्यता और जनता की धारणा पर असर पड़ सकता है। कोर्ट ने बताया कि यह आदेश प्रक्रिया संबंधी कारणों और याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर विशिष्ट याचिकाओं के आधार पर दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है, जबकि विपक्षी दलों ने इस फैसले की समीक्षा की मांग की है, यह तर्क देते हुए कि यह अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल स्थापित कर सकता है।