📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / ArmouredCyborg
कृषि
सुल्फ़र से शुगर सफ़ेद करने से दीवाली के बाद कीमतें बढ़ सकती हैं
✍️ Bhaskar English
🗓 25 अग. 2026, 10:33 AM
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उद्योग के स्रोतों के अनुसार, दीवाली के बाद शुगर को सफ़ेद करने हेतु सुल्फ़र मिलाने से खुदरा कीमतें बढ़ने की संभावना है।
दीवाली के बाद शुगर को सफ़ेद करने के लिए सुल्फ़र के उपयोग से भारत के शुगर बाजार में कीमतें बढ़ने की संभावना है। यह प्रक्रिया शुगर रिफाइनिंग में सामान्य है और मिठाइयों व मीठे पेयों की बढ़ती मांग के साथ तीव्र हो जाती है।
सुल्फ़र एक मानक ब्लीचिंग एजेंट है, लेकिन इसे स्रोत करने, सुरक्षा मानकों के तहत संभालने और रिफाइनिंग प्रक्रिया में शामिल करने की लागत उत्पादन खर्च को बढ़ा देती है। ये अतिरिक्त खर्च अंततः खुदरा कीमतों में परिलक्षित होते हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि यह कीमत वृद्धि उपभोक्ताओं तक पहुंचेगी, जिससे मिठाइयों और शुगर‑आधारित पेयों की कीमतें दीवाली के बाद के हफ्तों में महंगी हो सकती हैं। नियामक निकाय इस पर नजर रखेगा ताकि कीमतें नियमन के दायरे में रहें।
यह प्रवृत्ति वस्तु मूल्यों की अस्थिरता को उजागर करती है, जहाँ कच्चे माल की लागत और मौसमी मांग मिलकर बाजार की दिशा तय करती है।
सुल्फ़र एक मानक ब्लीचिंग एजेंट है, लेकिन इसे स्रोत करने, सुरक्षा मानकों के तहत संभालने और रिफाइनिंग प्रक्रिया में शामिल करने की लागत उत्पादन खर्च को बढ़ा देती है। ये अतिरिक्त खर्च अंततः खुदरा कीमतों में परिलक्षित होते हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि यह कीमत वृद्धि उपभोक्ताओं तक पहुंचेगी, जिससे मिठाइयों और शुगर‑आधारित पेयों की कीमतें दीवाली के बाद के हफ्तों में महंगी हो सकती हैं। नियामक निकाय इस पर नजर रखेगा ताकि कीमतें नियमन के दायरे में रहें।
यह प्रवृत्ति वस्तु मूल्यों की अस्थिरता को उजागर करती है, जहाँ कच्चे माल की लागत और मौसमी मांग मिलकर बाजार की दिशा तय करती है।