📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sumita Roy Dutta
बिज़नेस
सरकारी आयात निर्णय के बाद भी भारत में चीनी की कीमतें बढ़ीं
✍️ ChiniMandi
🗓 22 अग. 2026, 11:19 AM
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सरकारी आयात अनुमति के बावजूद घरेलू चीनी की कीमतें तेज़ी से बढ़ीं, विशेषज्ञों ने अधिक भंडार रखने की सलाह दी।
वाणिज्य मंत्रालय ने संभावित कमी को दूर करने के लिए कच्ची चीनी की नई आयात कोटा मंजूर किया, फिर भी रिटेल व थोक कीमतों में पिछले सप्ताह तेज़ी से बढ़ोतरी देखी गई है।
ट्रेडरों का कहना है कि घरेलू भंडार कम होने और पहली खेपों के देर से पहुँचने से कीमतें बढ़ी हैं, विशेषकर त्योहारी सीजन में मांग में उछाल के कारण।
कृषि अर्थशास्त्री और उद्योग संगठनों ने चेतावनी दी है कि वर्तमान रणनीतिक भंडार स्तर पर्याप्त नहीं हैं, और कीमत स्थिर करने के लिए सरकार को चीनी के रणनीतिक भंडार को बढ़ाने की सलाह दी है।
शुगरकेन ग्रोवर्स एसोसिएशन ने आयात शेड्यूल की समयबद्धता की समीक्षा की मांग की, जबकि खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय ने कीमतों की अस्थिरता पर कड़ी नजर रखने का आश्वासन दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बफ़र स्टॉक्स नहीं बढ़ाए गए तो चीनी की कीमतें अस्थिर बनी रहेंगी, जिससे उपभोक्ताओं और मिठाई व पेय निर्माताओं दोनों को असर पड़ेगा।
ट्रेडरों का कहना है कि घरेलू भंडार कम होने और पहली खेपों के देर से पहुँचने से कीमतें बढ़ी हैं, विशेषकर त्योहारी सीजन में मांग में उछाल के कारण।
कृषि अर्थशास्त्री और उद्योग संगठनों ने चेतावनी दी है कि वर्तमान रणनीतिक भंडार स्तर पर्याप्त नहीं हैं, और कीमत स्थिर करने के लिए सरकार को चीनी के रणनीतिक भंडार को बढ़ाने की सलाह दी है।
शुगरकेन ग्रोवर्स एसोसिएशन ने आयात शेड्यूल की समयबद्धता की समीक्षा की मांग की, जबकि खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय ने कीमतों की अस्थिरता पर कड़ी नजर रखने का आश्वासन दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बफ़र स्टॉक्स नहीं बढ़ाए गए तो चीनी की कीमतें अस्थिर बनी रहेंगी, जिससे उपभोक्ताओं और मिठाई व पेय निर्माताओं दोनों को असर पड़ेगा।