📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Zuck28
धर्म
अजमेर शरीफ के सूफ़ी विचारों पर न्यूयॉर्क संवाद में एकता का संदेश
✍️ Amar Ujala · Ajmer
🗓 19 अग. 2026, 05:02 PM
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अजमेर शरीफ के सूफ़ी विचारों को लेकर न्यूयॉर्क में आयोजित संवाद में धर्मगुरुओं ने एकता का संदेश दिया।
अजमेर शरीफ दरगाह के प्रतिनिधियों ने न्यूयॉर्क में एक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें सूफ़ी विचारधारा को प्रस्तुत किया गया जो शहीदों के अनुयायियों को सदियों से मार्गदर्शन देती आई है। इस सभा में भारतीय प्रवासी समुदाय और स्थानीय अंतरधार्मिक समूहों ने भाग लेकर प्रेम, सहिष्णुता और सामुदायिक सद्भावना के सूफ़ी सिद्धांत को साझा किया।
वक्ताओं ने यह रेखांकित किया कि आध्यात्मिक एकता धार्मिक सीमाओं से परे है और सभी को आपसी सम्मान को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की कविताओं का पाठ किया और सूफ़ी संतों के संघर्ष समाधान के ऐतिहासिक उदाहरणों को उजागर किया, जिससे इन शिक्षाओं की आज की प्रासंगिकता स्पष्ट हुई।
आयोजकों ने कहा कि यह कार्यक्रम एक दुर्लभ सांस्कृतिक आदान‑प्रदान का प्रतीक है, जिसने अजमेर की रहस्यमय विरासत को पश्चिमी महानगर में लाया। उपस्थित लोगों ने इसे प्रेरणादायक बताया और यह स्मरण दिलाया कि आध्यात्मिक परम्पराएँ सांस्कृतिक अंतर को पाट सकती हैं।
संवाद के अंत में सभी ने शांति और एकता को बढ़ावा देने की प्रतिज्ञा की, जो दरगाह के सार्वभौमिक भाईचारे के संदेश को दोहराता है।
वक्ताओं ने यह रेखांकित किया कि आध्यात्मिक एकता धार्मिक सीमाओं से परे है और सभी को आपसी सम्मान को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की कविताओं का पाठ किया और सूफ़ी संतों के संघर्ष समाधान के ऐतिहासिक उदाहरणों को उजागर किया, जिससे इन शिक्षाओं की आज की प्रासंगिकता स्पष्ट हुई।
आयोजकों ने कहा कि यह कार्यक्रम एक दुर्लभ सांस्कृतिक आदान‑प्रदान का प्रतीक है, जिसने अजमेर की रहस्यमय विरासत को पश्चिमी महानगर में लाया। उपस्थित लोगों ने इसे प्रेरणादायक बताया और यह स्मरण दिलाया कि आध्यात्मिक परम्पराएँ सांस्कृतिक अंतर को पाट सकती हैं।
संवाद के अंत में सभी ने शांति और एकता को बढ़ावा देने की प्रतिज्ञा की, जो दरगाह के सार्वभौमिक भाईचारे के संदेश को दोहराता है।