📷 चित्र स्रोत: TOI India (via NewsData)
स्वास्थ्य
अध्ययन: भारत में एंग्जायटी से ग्रस्त 83% लोग इलाज नहीं करा रहे
✍️ TOI India
🗓 11 अक्टू. 2026, 06:47 AM
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एक हालिया भारतीय अध्ययन से पता चलता है कि एंग्जायटी का इलाज संभव है, फिर भी लगभग 83% रोगी कोई पेशेवर सहायता नहीं ले रहे हैं।
भारत में किए गए एक सर्वेक्षण ने एंग्जायटी रोगियों के बीच उपचार में बड़ी खाई को उजागर किया है। परिणाम दर्शाते हैं कि प्रभावी उपचार और दवाएँ उपलब्ध होने के बावजूद, लगभग 83% लोग किसी भी प्रकार की पेशेवर सहायता नहीं ले रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अंतर सामाजिक कलंक, जागरूकता की कमी और मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं की अपर्याप्तता से उत्पन्न हो रहा है। अध्ययन ने सार्वजनिक शिक्षा, काउंसलिंग सेवाओं तक बेहतर पहुंच और प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल में मानसिक स्वास्थ्य के एकीकरण की आवश्यकता पर बल दिया है। अधिकारियों से अनुरोध किया गया है कि वे एंग्जायटी प्रबंधन को व्यापक मानसिक स्वास्थ्य एजेंडा में प्राथमिकता दें।
रिपोर्ट यह भी बताती है कि बिना उपचार के एंग्जायटी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को बिगाड़ सकती है, जिससे उत्पादकता और जीवन की गुणवत्ता पर असर पड़ता है। नीति निर्माताओं को विशेष रूप से underserved क्षेत्रों में लक्षित आउटरीच कार्यक्रम विकसित करने की सलाह दी गई है, ताकि जरूरत और सेवा प्रदान करने के बीच की खाई को पाटा जा सके।
रिपोर्ट यह भी बताती है कि बिना उपचार के एंग्जायटी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को बिगाड़ सकती है, जिससे उत्पादकता और जीवन की गुणवत्ता पर असर पड़ता है। नीति निर्माताओं को विशेष रूप से underserved क्षेत्रों में लक्षित आउटरीच कार्यक्रम विकसित करने की सलाह दी गई है, ताकि जरूरत और सेवा प्रदान करने के बीच की खाई को पाटा जा सके।