📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
कृषि
राज्य ने ‘पिपिरी’ खीरे पर जीआई टैग के लिए दायर किया आवेदन
✍️ timesofindia.indiatimes.com
🗓 05 सित. 2026, 07:11 AM
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राज्य सरकार ने स्थानीय ‘पिपिरी’ खीरे की विशिष्टता सुरक्षित करने के लिए जीआई आवेदन दायर करने का इरादा बताया।
एक भारतीय राज्य की सरकार ने स्थानीय रूप से उगाए जाने वाले ‘पिपिरी’ खीरे के लिए भौगोलिक संकेत (जीआई) आवेदन दायर करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम खीरे की विशिष्ट विशेषताओं को उसके मूल क्षेत्र से जोड़ते हुए कानूनी पहचान प्रदान करेगा।
जीआई टैग मिलने से ‘पिपिरी’ खीरे को अन्य किस्मों से अलग पहचान मिलेगी, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिल सकेगा और नकली उत्पादन से बचाव होगा। यह आवेदन राज्य के कृषि विभाग द्वारा स्थानीय किसानों के सहयोग से तैयार किया जाएगा।
विभाग इस दस्तावेज़ को पेटेंट, डिज़ाइन और ट्रेडमार्क नियंत्रक जनरल के कार्यालय को भेजेगा, जो भारत में जीआई पंजीकरण देखता है। मंजूरी मिलने पर इस टैग का उपयोग क्षेत्रीय कृषि ब्रांडिंग को बढ़ावा देने के लिए भी किया जा सकता है।
किसान संगठनों सहित कई हितधारकों ने इस पहल का स्वागत किया है, इसे स्वदेशी उत्पादों की सुरक्षा और ग्रामीण आय में वृद्धि का महत्वपूर्ण कदम माना गया है।
जीआई टैग मिलने से ‘पिपिरी’ खीरे को अन्य किस्मों से अलग पहचान मिलेगी, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिल सकेगा और नकली उत्पादन से बचाव होगा। यह आवेदन राज्य के कृषि विभाग द्वारा स्थानीय किसानों के सहयोग से तैयार किया जाएगा।
विभाग इस दस्तावेज़ को पेटेंट, डिज़ाइन और ट्रेडमार्क नियंत्रक जनरल के कार्यालय को भेजेगा, जो भारत में जीआई पंजीकरण देखता है। मंजूरी मिलने पर इस टैग का उपयोग क्षेत्रीय कृषि ब्रांडिंग को बढ़ावा देने के लिए भी किया जा सकता है।
किसान संगठनों सहित कई हितधारकों ने इस पहल का स्वागत किया है, इसे स्वदेशी उत्पादों की सुरक्षा और ग्रामीण आय में वृद्धि का महत्वपूर्ण कदम माना गया है।