📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Tisha Mukherjee
अपराध
राज्य ने वन्यजीव अपराध पर कड़ी कार्रवाई के लिए GIS मैपिंग और CCTV लागू किए
✍️ The Times of India
🗓 19 सित. 2026, 05:30 AM
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राज्य सरकार ने वन्यजीव क्षेत्रों में GIS‑आधारित मानचित्रण और CCTV निगरानी लागू कर वन्यजीव अपराधों से लड़ने की योजना की घोषणा की।
राज्य के अधिकारियों ने एक नई पहल का खुलासा किया, जिसमें संरक्षण क्षेत्रों में जियो‑इन्फॉर्मेशन सिस्टम (GIS) मानचित्रण को सीसीटीवी कैमरों के नेटवर्क के साथ जोड़ा जाएगा। यह कदम शिकार, तस्करी और आवासीय अतिक्रमण जैसी अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए वास्तविक‑समय निगरानी प्रणाली स्थापित करने का लक्ष्य रखता है।
GIS मानचित्रण से भू‑आकृति, पशु प्रवास मार्ग और ज्ञात शिकार केंद्रों को दर्शाया जाएगा, जिससे प्रवर्तन टीमों को संसाधनों का बेहतर वितरण संभव हो सकेगा। उपग्रह और स्थल‑डेटा को मिलाकर भविष्य में संभावित उल्लंघनों की भविष्यवाणी करने की उम्मीद है।
सीसीटीवी कैमरे वन प्रवेश द्वार, जल स्रोत और रेंजर पोस्टों जैसे प्रमुख बिंदुओं पर स्थापित किए जाएंगे। फुटेज को एक केंद्रीय कमांड सेंटर में भेजा जाएगा, जिससे त्वरित कार्रवाई और अभियोजन के लिए साक्ष्य एकत्रित किया जा सकेगा।
अधिकारियों का मानना है कि यह तकनीकी संयोजन अपराधियों को हतोत्साहित करेगा, सजा दर को बढ़ाएगा और भारत के संवेदनशील वन्यजीवों की सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा।
GIS मानचित्रण से भू‑आकृति, पशु प्रवास मार्ग और ज्ञात शिकार केंद्रों को दर्शाया जाएगा, जिससे प्रवर्तन टीमों को संसाधनों का बेहतर वितरण संभव हो सकेगा। उपग्रह और स्थल‑डेटा को मिलाकर भविष्य में संभावित उल्लंघनों की भविष्यवाणी करने की उम्मीद है।
सीसीटीवी कैमरे वन प्रवेश द्वार, जल स्रोत और रेंजर पोस्टों जैसे प्रमुख बिंदुओं पर स्थापित किए जाएंगे। फुटेज को एक केंद्रीय कमांड सेंटर में भेजा जाएगा, जिससे त्वरित कार्रवाई और अभियोजन के लिए साक्ष्य एकत्रित किया जा सकेगा।
अधिकारियों का मानना है कि यह तकनीकी संयोजन अपराधियों को हतोत्साहित करेगा, सजा दर को बढ़ाएगा और भारत के संवेदनशील वन्यजीवों की सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा।