📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Information and Broadcasting
स्वास्थ्य
महाराष्ट्र में सर्पदंश को अधिसूचित बीमारी घोषित, रिपोर्टिंग अनिवार्य
✍️ Amar Ujala · Maharashtra
🗓 19 अग. 2026, 09:35 AM
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महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग ने सर्पदंश को अधिसूचित बीमारी घोषित किया, सभी मामलों की तुरंत रिपोर्टिंग अनिवार्य की गई।
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग ने सर्पदंश को अधिसूचित बीमारी की श्रेणी में शामिल कर दिया है, जिससे सभी स्वास्थ्य संस्थानों को प्रत्येक मामले की 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट देना अनिवार्य हो गया है।
यह कदम ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश से होने वाली मृत्यु और रोगों की सटीक जानकारी जुटाने के उद्देश्य से उठाया गया है, क्योंकि अब तक इन मामलों की रिपोर्टिंग काफी कम रही है। सटीक आँकड़े एंटीवेनम की आपूर्ति, जागरूकता अभियानों और उच्च जोखिम वाले जिलों में त्वरित चिकित्सा सहायता को बेहतर बनाने में मदद करेंगे।
निर्देश के तहत चिकित्सकों को सर्प की प्रजाति, काटने का स्थान, रोगी की आयु‑लिंग, तथा उपचार की जानकारी सहित एक मानकीकृत फॉर्म भरना होगा। नियम का उल्लंघन करने पर राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य नियमों के तहत दंड भी लगाया जा सकता है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि इस नई रिपोर्टिंग प्रणाली से राज्य में सर्पदंश से होने वाली मौतों में कमी आएगी और विश्व स्वास्थ्य संगठन की नेग्लेक्टेड टॉपिकल डिजीजेज़ की कार्ययोजना के अनुरूप कदम उठाए जा सकेंगे।
यह आदेश महाराष्ट्र राज्य स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के सहयोग से जारी किया है और अगले महीने की पहली तारीख से लागू होगा।
यह कदम ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश से होने वाली मृत्यु और रोगों की सटीक जानकारी जुटाने के उद्देश्य से उठाया गया है, क्योंकि अब तक इन मामलों की रिपोर्टिंग काफी कम रही है। सटीक आँकड़े एंटीवेनम की आपूर्ति, जागरूकता अभियानों और उच्च जोखिम वाले जिलों में त्वरित चिकित्सा सहायता को बेहतर बनाने में मदद करेंगे।
निर्देश के तहत चिकित्सकों को सर्प की प्रजाति, काटने का स्थान, रोगी की आयु‑लिंग, तथा उपचार की जानकारी सहित एक मानकीकृत फॉर्म भरना होगा। नियम का उल्लंघन करने पर राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य नियमों के तहत दंड भी लगाया जा सकता है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि इस नई रिपोर्टिंग प्रणाली से राज्य में सर्पदंश से होने वाली मौतों में कमी आएगी और विश्व स्वास्थ्य संगठन की नेग्लेक्टेड टॉपिकल डिजीजेज़ की कार्ययोजना के अनुरूप कदम उठाए जा सकेंगे।
यह आदेश महाराष्ट्र राज्य स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के सहयोग से जारी किया है और अगले महीने की पहली तारीख से लागू होगा।