📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / ArmouredCyborg
स्थानीय
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने से 6 मौत, सीसीटीवी ने दिखाया क्षण
✍️ Aaj Tak
🗓 07 सित. 2026, 07:32 AM
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सत्य निकेतन, दक्षिण दिल्ली में इमारत के ध्वस्त होने से 6 लोगों की मौत और कई छात्रों का मलबे में फँसना, सीसीटीवी फुटेज सामने आया और पुलिस ने मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में स्थित एक बहु‑मंजिला आवासीय इमारत बुधवार सुबह ध्वस्त हो गई, जिससे छह लोगों की मौत हुई और कई कॉलेज छात्रों को मलबे में फँसा दिया गया। दिल्ली फायर सर्विस और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की बचाव टीमें तुरंत मौके पर पहुंची और मलबा हटाते हुए बचाव कार्य जारी रखी।
नजदीकी दुकान के सीसीटीवी कैमरे में दर्ज फुटेज अब पुलिस ने जारी किया है, जिसमें इमारत के सामने दरार दिखने के कुछ क्षण बाद पूरी इमारत कुछ सेकंड में गिरती दिखती है। यह वीडियो गवाहों के बयान की पुष्टि करता है कि गिरावट से पहले एक तेज़ ध्वनि सुनी गई थी, और इसे संरचनात्मक दोषों की जाँच के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस ने इमारत के मालिक हरिओम और अन्य संभावित जिम्मेदारों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की है, जिसमें निर्माण नियमों के उल्लंघन और अनधिकृत बदलावों का उल्लेख है, जो इमारत की कमजोरी का कारण बन सकते हैं।
बचाव कार्य जारी है और अधिकारियों ने बताया कि कई छात्र अभी भी मलबे में फँसे हुए हैं। साइट को स्थिर करने और आगे के ढहने से बचाने के लिए विशेष उपाय किए जा रहे हैं, जबकि जांचकर्ता कारणों की गहराई से जाँच कर रहे हैं।
नजदीकी दुकान के सीसीटीवी कैमरे में दर्ज फुटेज अब पुलिस ने जारी किया है, जिसमें इमारत के सामने दरार दिखने के कुछ क्षण बाद पूरी इमारत कुछ सेकंड में गिरती दिखती है। यह वीडियो गवाहों के बयान की पुष्टि करता है कि गिरावट से पहले एक तेज़ ध्वनि सुनी गई थी, और इसे संरचनात्मक दोषों की जाँच के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस ने इमारत के मालिक हरिओम और अन्य संभावित जिम्मेदारों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की है, जिसमें निर्माण नियमों के उल्लंघन और अनधिकृत बदलावों का उल्लेख है, जो इमारत की कमजोरी का कारण बन सकते हैं।
बचाव कार्य जारी है और अधिकारियों ने बताया कि कई छात्र अभी भी मलबे में फँसे हुए हैं। साइट को स्थिर करने और आगे के ढहने से बचाने के लिए विशेष उपाय किए जा रहे हैं, जबकि जांचकर्ता कारणों की गहराई से जाँच कर रहे हैं।