📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
अपराध
अररिया में आधार‑फिंगरप्रिंट साइबर ठगी के लिए 6 गिरफ्तार, कई उपकरण बरामद
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 22 सित. 2026, 10:36 PM
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बिहार के महलगांव पुलिस ने आधार और फिंगरप्रिंट के दुरुपयोग से साइबर ठगी करने वाले गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया, मोबाइल, लैपटॉप, फिंगरप्रिंट स्कैनर और कार सहित कई सामान बरामद किए।
बिहार के अररिया जिले के महलगांव क्षेत्र में पुलिस ने एक ऑपरेशन के दौरान छह व्यक्तियों को हिरासत में लिया, जिन्हें आधार नंबर और फिंगरप्रिंट डेटा के दुरुपयोग से साइबर ठगी करने वाले गिरोह का हिस्सा बताया गया है। यह कार्रवाई सूचना स्रोतों के बाद की गई, जो कई ऑनलाइन स्कैम से जुड़ी थी, जहाँ पीड़ितों के बैंक खाते और डिजिटल वॉलेट को निशाना बनाया गया था।
जांच के अनुसार, आरोपियों ने नकली आधार विवरण और फर्जी फिंगरप्रिंट स्कैन का उपयोग करके वित्तीय सेवाओं की प्रमाणीकरण प्रक्रिया को तोड़ दिया। इन बनावटी प्रमाणपत्रों के माध्यम से उन्होंने पीड़ितों के खातों तक अनधिकृत पहुँच हासिल कर धन निकाला।
ऑपरेशन स्थल से पुलिस ने कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए, जिनमें मोबाइल फोन, लैपटॉप, फिंगरप्रिंट स्कैनर और एक कार शामिल है, जिसे उपकरणों के परिवहन के लिये इस्तेमाल किया जाता था। सभी बरामद सामान अब फोरेंसिक जांच के लिये पुलिस के पास हैं।
पुलिस ने कहा कि सबूतों की पूरी जांच की जाएगी ताकि ठगी के नेटवर्क का विस्तार पता लगाया जा सके और अतिरिक्त पीड़ितों की पहचान की जा सके। यह गिरफ्तारी देश में हाल ही में बढ़ते साइबर अपराधों पर की गई व्यापक कार्रवाई का हिस्सा है।
अधिकारियों ने नागरिकों से अपने आधार और बायोमैट्रिक डेटा को सुरक्षित रखने की अपील की है, क्योंकि इनका दुरुपयोग जटिल वित्तीय धोखाधड़ी को जन्म दे सकता है।
जांच के अनुसार, आरोपियों ने नकली आधार विवरण और फर्जी फिंगरप्रिंट स्कैन का उपयोग करके वित्तीय सेवाओं की प्रमाणीकरण प्रक्रिया को तोड़ दिया। इन बनावटी प्रमाणपत्रों के माध्यम से उन्होंने पीड़ितों के खातों तक अनधिकृत पहुँच हासिल कर धन निकाला।
ऑपरेशन स्थल से पुलिस ने कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए, जिनमें मोबाइल फोन, लैपटॉप, फिंगरप्रिंट स्कैनर और एक कार शामिल है, जिसे उपकरणों के परिवहन के लिये इस्तेमाल किया जाता था। सभी बरामद सामान अब फोरेंसिक जांच के लिये पुलिस के पास हैं।
पुलिस ने कहा कि सबूतों की पूरी जांच की जाएगी ताकि ठगी के नेटवर्क का विस्तार पता लगाया जा सके और अतिरिक्त पीड़ितों की पहचान की जा सके। यह गिरफ्तारी देश में हाल ही में बढ़ते साइबर अपराधों पर की गई व्यापक कार्रवाई का हिस्सा है।
अधिकारियों ने नागरिकों से अपने आधार और बायोमैट्रिक डेटा को सुरक्षित रखने की अपील की है, क्योंकि इनका दुरुपयोग जटिल वित्तीय धोखाधड़ी को जन्म दे सकता है।