📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Deepak143goyal
धर्म
नवरात्र के पहले दिन सिसोदिया ने पाटियाला के काली देवी मंदिर में माथा टेका
✍️ Amar Ujala · Patiala
🗓 11 अक्टू. 2026, 05:17 PM
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नवरात्र के प्रथम दिवस में पाटियाला के काली देवी मंदिर में सिसोदिया ने देवी को माथा टेका, जिससे भक्तों ने यह पावन अनुष्ठान देखा।
पाटियाला, पंजाब – नवरात्र के पहले दिन काली देवी मंदिर में सिसोदिया ने देवी को माथा टेका, जो इस पावन अवसर पर श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। यह परम्परागत अनुष्ठान "माथा टेकेना" के नाम से जाना जाता है और भक्तों के आशीर्वाद की कामना में किया जाता है।
मंदिर के बाहर एक छोटी भीड़ इकट्ठी हुई, जहाँ उपस्थित लोग इस शालीन कार्य को देख रहे थे। पुजारी ने अनुष्ठान से पहले सामान्य पूजा-अर्चना की, और कोई व्यवधान नहीं हुआ, जिससे कार्यक्रम मंदिर के नवरात्रि कार्यक्रम के अनुसार सुचारु रूप से चला।
नवरात्रि भारत भर में देवी शक्ति की पूजा का नौ दिवसीय उत्सव है, और पाटियाला में काली देवी मंदिर इस दौरान प्रमुख तीर्थस्थल बन जाता है। सिसोदिया की भागीदारी इस बात को दर्शाती है कि कई लोग इस पावन समय में व्यक्तिगत रूप से भी भक्ति प्रदर्शित करते हैं।
स्थानीय प्राधिकरणों ने बताया कि सभा सार्वजनिक सुरक्षा मानकों के अनुसार आयोजित हुई और पुलिस को कोई हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं पड़ी। मंदिर प्रबंधन ने सभी भागीदारों को इस पवित्र अनुष्ठान को बनाए रखने के लिए धन्यवाद दिया।
यह कार्यक्रम नवरात्रि के शेष सात दिनों के धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत का संकेत है, जो विजयादशमी के उत्सव तक जारी रहेगा।
मंदिर के बाहर एक छोटी भीड़ इकट्ठी हुई, जहाँ उपस्थित लोग इस शालीन कार्य को देख रहे थे। पुजारी ने अनुष्ठान से पहले सामान्य पूजा-अर्चना की, और कोई व्यवधान नहीं हुआ, जिससे कार्यक्रम मंदिर के नवरात्रि कार्यक्रम के अनुसार सुचारु रूप से चला।
नवरात्रि भारत भर में देवी शक्ति की पूजा का नौ दिवसीय उत्सव है, और पाटियाला में काली देवी मंदिर इस दौरान प्रमुख तीर्थस्थल बन जाता है। सिसोदिया की भागीदारी इस बात को दर्शाती है कि कई लोग इस पावन समय में व्यक्तिगत रूप से भी भक्ति प्रदर्शित करते हैं।
स्थानीय प्राधिकरणों ने बताया कि सभा सार्वजनिक सुरक्षा मानकों के अनुसार आयोजित हुई और पुलिस को कोई हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं पड़ी। मंदिर प्रबंधन ने सभी भागीदारों को इस पवित्र अनुष्ठान को बनाए रखने के लिए धन्यवाद दिया।
यह कार्यक्रम नवरात्रि के शेष सात दिनों के धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत का संकेत है, जो विजयादशमी के उत्सव तक जारी रहेगा।