📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jazzmine120990
मनोरंजन
निखिता गांधी ने बताया: ताल, रिदम और बोलियों ने संगीत में दी शुरुआत
✍️ The New Indian Express
🗓 23 सित. 2026, 07:37 AM
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निखिता गांधी ने कहा कि ताल, रिदम और लोक बोलियों ने उनके संगीत के प्रति जुनून को जन्म दिया।
गायक निखिता गांधी ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उनका संगीत के प्रति आकर्षण भारतीय ताल, विविध रिदम और लोक बोलियों की समृद्ध परतों से शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि शास्त्रीय तालों की संरचित ध्वनि ने उन्हें समयबद्धता सिखाई, जबकि विभिन्न रिदम ने प्रयोग की गुंजाइश दी। लोक बोलियों की भावनात्मक कहानी ने उनके संगीत में गहराई जोड़ी।
गांधी ने बताया कि प्रत्येक तत्व ने अलग‑अलग योगदान दिया: ताल ने समय का बोध कराया, रिदम ने नवाचार को प्रोत्साहित किया और बोलियों ने सांस्कृतिक कथा को आवाज़ दी। इस मिश्रण ने उनकी कलात्मक पहचान को आकार दिया और उनके गीत चयन एवं सहयोगों को दिशा दी।
इन प्रभावों को अपनाने के बाद, गांधी ने विभिन्न क्षेत्रीय मंचों पर प्रदर्शन किया है, जहाँ वह पारंपरिक ध्वनियों को समकालीन संगीत में समाहित करती हैं। उनका सफर भारतीय शास्त्रीय और लोक तत्वों की आधुनिक संगीत में निरंतर प्रासंगिकता को दर्शाता है।
गांधी ने बताया कि प्रत्येक तत्व ने अलग‑अलग योगदान दिया: ताल ने समय का बोध कराया, रिदम ने नवाचार को प्रोत्साहित किया और बोलियों ने सांस्कृतिक कथा को आवाज़ दी। इस मिश्रण ने उनकी कलात्मक पहचान को आकार दिया और उनके गीत चयन एवं सहयोगों को दिशा दी।
इन प्रभावों को अपनाने के बाद, गांधी ने विभिन्न क्षेत्रीय मंचों पर प्रदर्शन किया है, जहाँ वह पारंपरिक ध्वनियों को समकालीन संगीत में समाहित करती हैं। उनका सफर भारतीय शास्त्रीय और लोक तत्वों की आधुनिक संगीत में निरंतर प्रासंगिकता को दर्शाता है।