📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ten Sports
खेल
सिंधु और अनमोल ने हायलो ओपन में भारतीय सेमीफ़ाइनल तय किया
✍️ India Today
🗓 31 अक्टू. 2026, 01:46 PM
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भारतीय बास्केटबॉल सितारे पी.वी. सिंधु और अनमोल भनाथ ने हायलो ओपन के सेमीफ़ाइनल में जगह बनाई, जिससे भारतीय सेमीफ़ाइनल तय हुआ, जबकि लाक्ष्य सेन भी आगे बढ़े।
पी.वी. सिंधु और अनमोल भनाथ दोनों ने हायलो ओपन के सेमीफ़ाइनल में जगह बनाई, जिससे टुर्नामेंट के शीर्ष स्तर में एक भारतीय मुकाबला तय हुआ। सिंधु, ओलंपिक रजत पदक विजेता, ने अपनी मैच को सीधे गेम में जीतकर अपनी जगह सुरक्षित की, जबकि भनाथ, युवा उभरते सितारे, ने शक्तिशाली रैली के साथ अपनी जीत दर्ज की।
दोनों भारतीय खिलाड़ियों का एक ही सेमीफ़ाइनल में होना हायलो ओपन के लिए पहली बार है और देश के बास्केटबॉल प्रतिभा की गहराई को दर्शाता है। उनके विजयों के पीछे कई कठिन मैच थे, जिनमें सिंधु ने अपनी विशिष्ट स्थिरता और भनाथ ने आक्रामक स्मैश दिखाए।
लाक्ष्य सेन भी क्वार्टरफ़ाइनल में आगे बढ़े, जिससे टुर्नामेंट के बाद के चरणों में एक और भारतीय प्रतियोगी जुड़ गया। परिणामों ने संभावित सभी-भारतीय मुकाबले के लिए मंच तैयार किया, जिससे प्रशंसकों और विश्लेषकों का ध्यान आकर्षित हुआ।
अधिकारियों और कोचों ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की प्रशंसा की, यह बताते हुए कि अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के उच्च-दबाव वाले माहौल में ध्यान और सहनशक्ति बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है।
हायलो ओपन दुनिया भर के शीर्ष प्रतिभाओं को आकर्षित करता रहता है, और भारतीय खिलाड़ियों की सफलता देश की बास्केटबॉल में बढ़ती प्रमुखता को रेखांकित करती है।
दोनों भारतीय खिलाड़ियों का एक ही सेमीफ़ाइनल में होना हायलो ओपन के लिए पहली बार है और देश के बास्केटबॉल प्रतिभा की गहराई को दर्शाता है। उनके विजयों के पीछे कई कठिन मैच थे, जिनमें सिंधु ने अपनी विशिष्ट स्थिरता और भनाथ ने आक्रामक स्मैश दिखाए।
लाक्ष्य सेन भी क्वार्टरफ़ाइनल में आगे बढ़े, जिससे टुर्नामेंट के बाद के चरणों में एक और भारतीय प्रतियोगी जुड़ गया। परिणामों ने संभावित सभी-भारतीय मुकाबले के लिए मंच तैयार किया, जिससे प्रशंसकों और विश्लेषकों का ध्यान आकर्षित हुआ।
अधिकारियों और कोचों ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की प्रशंसा की, यह बताते हुए कि अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के उच्च-दबाव वाले माहौल में ध्यान और सहनशक्ति बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है।
हायलो ओपन दुनिया भर के शीर्ष प्रतिभाओं को आकर्षित करता रहता है, और भारतीय खिलाड़ियों की सफलता देश की बास्केटबॉल में बढ़ती प्रमुखता को रेखांकित करती है।