📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pinakpani
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क्रिएटिव इकॉनमी फोरम में सिक्किम को 'हिमालयन क्रिएटिव इकॉनमी मॉडल' के रूप में प्रस्तुत किया गया
✍️ Sikkimexpress
🗓 20 सित. 2026, 03:37 AM
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क्रिएटिव इकॉनमी फोरम में सिक्किम की 'हिमालयन क्रिएटिव इकॉनमी मॉडल' के रूप में क्षमता को रेखांकित किया गया, जो राज्य की संस्कृति-संचालित आर्थिक विकास में बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
क्रिएटिव इकॉनमी फोरम में सिक्किम की 'हिमालयन क्रिएटिव इकॉनमी मॉडल' के रूप में उभरने की विशिष्ट क्षमता को केंद्र में लाया गया। चर्चा इस बात पर केंद्रित रही कि हिमालयी राज्य अपनी सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक शिल्प और रचनात्मक उद्योगों का उपयोग करके एक स्थायी आर्थिक ढांचे का निर्माण कैसे कर सकता है।
फोरम ने सिक्किम की अनूठी भौगोलिक और सांस्कृतिक पहचान को स्थानीय परंपराओं पर आधारित रचनात्मक अर्थव्यवस्था विकसित करने के लिए एक संपत्ति के रूप में रेखांकित किया। इस मॉडल में कला, संस्कृति और उद्यमशीलता को एकीकृत कर आजीविका के अवसर पैदा करने की कल्पना की गई है, साथ ही क्षेत्र के पारिस्थितिक और सांस्कृतिक संतुलन को भी संरक्षित रखा जाएगा।
हिमालयन क्रिएटिव इकॉनमी हब के रूप में खुद को स्थापित करके सिक्किम यह प्रदर्शित करना चाहता है कि पर्वतीय राज्य सांस्कृतिक संरक्षण को आर्थिक विकास के साथ कैसे जोड़ सकते हैं। इस दृष्टिकोण पर फोरम का जोर इस बात की बढ़ती मान्यता को दर्शाता है कि रचनात्मक क्षेत्र क्षेत्र में स्थायी विकास का एक प्रमुख चालक बन सकता है।
फोरम ने सिक्किम की अनूठी भौगोलिक और सांस्कृतिक पहचान को स्थानीय परंपराओं पर आधारित रचनात्मक अर्थव्यवस्था विकसित करने के लिए एक संपत्ति के रूप में रेखांकित किया। इस मॉडल में कला, संस्कृति और उद्यमशीलता को एकीकृत कर आजीविका के अवसर पैदा करने की कल्पना की गई है, साथ ही क्षेत्र के पारिस्थितिक और सांस्कृतिक संतुलन को भी संरक्षित रखा जाएगा।
हिमालयन क्रिएटिव इकॉनमी हब के रूप में खुद को स्थापित करके सिक्किम यह प्रदर्शित करना चाहता है कि पर्वतीय राज्य सांस्कृतिक संरक्षण को आर्थिक विकास के साथ कैसे जोड़ सकते हैं। इस दृष्टिकोण पर फोरम का जोर इस बात की बढ़ती मान्यता को दर्शाता है कि रचनात्मक क्षेत्र क्षेत्र में स्थायी विकास का एक प्रमुख चालक बन सकता है।