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राजनीति
सिक्किम उच्च न्यायालय ने नेपाल आपदा प्रभाव पर जलवायु न्याय के लिए पीआईएल दायर किया
✍️ The Hindu
🗓 19 सित. 2026, 11:16 PM
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सिक्किम उच्च न्यायालय ने नेपाल में हुई विनाशकारी आपदाओं के प्रभाव के जवाब में जलवायु न्याय के लिए सार्वजनिक हित मुकदमा दायर किया।
सिक्किम उच्च न्यायालय ने नेपाल में हुई गंभीर प्राकृतिक आपदाओं के बाद जलवायु न्याय से संबंधित सार्वजनिक हित मुकदमा (पीआईएल) दायर किया है। यह याचिका पर्यावरण कार्यकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत की गई है, जिसमें कहा गया है कि इन घटनाओं के पार सीमा प्रभाव से सिक्किम में महत्वपूर्ण पारिस्थितिक और सामाजिक-आर्थिक क्षति हुई है। यह याचिका भारतीय सरकार से अधिक सख्त जलवायु शमन और अनुकूलन उपाय अपनाने, और प्रदूषकों को जवाबदेह ठहराने की मांग करती है। न्यायालय से उम्मीद है कि वह राष्ट्रीय नीतियों की भूमिका की जाँच करेगा जो इस तरह के सीमा पार पर्यावरणीय नुकसान को रोकने में विफल रही हैं।
यह दायर किया गया मुकदमा भारत में जलवायु‑संबंधित मुकदमेबाजी के बढ़ते रुझान को दर्शाता है, जहाँ अदालतें राज्य और निजी अभिनेताओं से जवाबदेही मांगने के लिए एक मंच बनती जा रही हैं। यह याचिका प्रभावित समुदायों के लिए मुआवजा मांगती है और भारत और नेपाल के बीच साझा जल संसाधनों के प्रबंधन के लिए एक संयुक्त कार्य बल स्थापित करने का आग्रह करती है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला भविष्य के जलवायु न्याय कार्यों के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है, जिससे राज्य और केंद्रीय दोनों स्तरों पर नीति सुधारों पर प्रभाव पड़ सकता है।
यह दायर किया गया मुकदमा भारत में जलवायु‑संबंधित मुकदमेबाजी के बढ़ते रुझान को दर्शाता है, जहाँ अदालतें राज्य और निजी अभिनेताओं से जवाबदेही मांगने के लिए एक मंच बनती जा रही हैं। यह याचिका प्रभावित समुदायों के लिए मुआवजा मांगती है और भारत और नेपाल के बीच साझा जल संसाधनों के प्रबंधन के लिए एक संयुक्त कार्य बल स्थापित करने का आग्रह करती है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला भविष्य के जलवायु न्याय कार्यों के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है, जिससे राज्य और केंद्रीय दोनों स्तरों पर नीति सुधारों पर प्रभाव पड़ सकता है।