📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Furfur
राजनीति
सिक्किम के मतदाता सूची से 11% नाम हटाए
✍️ MillenniumPost
🗓 07 सित. 2026, 09:49 PM
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सिक्किम में लगभग 11% पंजीकृत मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, जैसा कि हालिया रिपोर्ट में बताया गया है।
एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर‑पूर्वी राज्य सिक्किम में पंजीकृत मतदाताओं में से लगभग एक नौ में एक का नाम आधिकारिक मतदाता सूची से हटा दिया गया है। यह हटाव लगभग 11% नामों को प्रभावित करता है, जो आगामी चुनावों के लिए सूचीबद्ध थे।
मिलेनियमपोस्ट ने इस जानकारी को प्रकाशित किया है, परंतु नाम हटाने के कारण या चुनाव अधिकारियों द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया के बारे में कोई विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। अभी तक भारत निर्वाचन आयोग या सिक्किम राज्य निर्वाचन कार्यालय से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है।
अधिकारी इस सूची की पुनः जाँच करेंगे और आगामी मतदान चरण से पहले किसी भी त्रुटि को सुधारने का प्रयास करेंगे। आगे की स्पष्टता संभवतः आयोग की ओर से आएगी, क्योंकि वह मतदाता डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रहा है।
इतने बड़े हिस्से के मतदाता हटाए जाने से वोटर टर्नआउट और मतदान केंद्रों की लॉजिस्टिक योजना पर असर पड़ सकता है, विशेषकर राज्य के दूरस्थ जिलों में।
राजनीतिक दल और नागरिक समाज समूह इस विकास को बारीकी से देख रहे हैं, और योग्य मतदाताओं को बहिष्कृत न होने देने के लिए पारदर्शिता व शीघ्र सुधार की मांग कर रहे हैं।
मिलेनियमपोस्ट ने इस जानकारी को प्रकाशित किया है, परंतु नाम हटाने के कारण या चुनाव अधिकारियों द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया के बारे में कोई विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। अभी तक भारत निर्वाचन आयोग या सिक्किम राज्य निर्वाचन कार्यालय से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है।
अधिकारी इस सूची की पुनः जाँच करेंगे और आगामी मतदान चरण से पहले किसी भी त्रुटि को सुधारने का प्रयास करेंगे। आगे की स्पष्टता संभवतः आयोग की ओर से आएगी, क्योंकि वह मतदाता डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रहा है।
इतने बड़े हिस्से के मतदाता हटाए जाने से वोटर टर्नआउट और मतदान केंद्रों की लॉजिस्टिक योजना पर असर पड़ सकता है, विशेषकर राज्य के दूरस्थ जिलों में।
राजनीतिक दल और नागरिक समाज समूह इस विकास को बारीकी से देख रहे हैं, और योग्य मतदाताओं को बहिष्कृत न होने देने के लिए पारदर्शिता व शीघ्र सुधार की मांग कर रहे हैं।